सामान्य वित्तीय नियमावली 2017 General Financial Rules 2017 (GFR-2017) in Hindi Download: Issued by Department of Expenditure, Finance Ministry.
सामान्य
वित्तीय नियमावली
2017
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
व्यय विभाग
प्राक्कथन
1. सामान्य वित्तीय नियम भारत सरकार के ऐसे नियमों और आदेशों का संकलन है जिनका पालन लोक वित्त के मामलों पर कार्रवाई करते समय सभी संबंधित पक्षों द्वारा किया जाना होगा। इन नियमों और आदेशों को कार्यकारी अनुदेश माना जाता है जिनका पालन, इन नियमों में अन्यथा किए गए प्रावधान को छोड़कर, सरकार के अधीन सभी विभागों और संगठनों तथा विनिर्दिष्ट निकायों द्वारा किया जाना होगा।
2. सामान्य वित्तीय नियम वित्तीय मामलों के संबंध में तत्समय मौजूद सभी आदेशों और अनुदेशों को समेकित करते हुए पहली बार 1947 में जारी किए गए थे। इन नियमों में बाद में संशोधन किया गया और इन्हें सामान्य वित्तीय नियमावली, 1963 और सामान्य वित्तीय नियमावली, 2005 के रूप में जारी किया गया।
3. पिछले कुछ वर्षों में, सरकार ने अपने कार्य संचालन के तरीके में अनेक अभिनव परिवर्तन किए हैं। यह आवश्यक था कि सरकार की बजट व्यवस्था में गैर-योजना और योजना व्यय में भेद समाप्त किए जाने, रेल बजट को आम बजट में मिलाए जाने, एक बेहतर परिणामी बजट दस्तावेज के माध्यम से परिणामों पर ध्यान केन्द्रित किए जाने जैसे सभी सुधार सामान्य वित्तीय नियमों में परिलक्षित हों। लोक वित्त प्रबंधन प्रणाली पर अधिकाधिक ध्यान केन्द्रित किए जाने, हकदारियों की ददात्तापूर्ण सुपुर्दगी सुनिश्चित किए जाने के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण स्कीम पर मसौदा बनाने, केन्द्रीय लोक प्रापण पोर्टल, गवर्नमेन्ट ई-मार्केटिंग (जीईएम) पोर्टल, गैर-कर राजस्व पोर्टल जैसी नई ई-साइटों की शुरुआत किए जाने के कारण भी मौजूदा सामान्य वित्तीय नियमों में संशोधन करना आवश्यक हो गया ताकि इन्हें बदलते कार्य परिवेश के अनुरूप बनाया जा सके। उद्देश्य यह था कि जवाबदेही के सिद्धांतों और वित्तीय अनुशासन तथा सम्यक् प्रशासनिक तत्परता का अनुपालन करते हुए सामान्य वित्तीय नियमों को ऐसा स्वरूप दिया जाए कि वे दक्षता प्राप्त करने में मददगार हों न कि सुचारू और समय पर कार्यान्वयन में बाधक बनें। लोक व्यय की दक्षता बढ़ाए जाने के उपायों की सिफारिश करने के लिए वर्ष 2014 में गठित व्यय प्रबंधन आयोग ने भी विशेष रूप से सवायत्त निकायों के संबंध में अनेक सिफारिशें की हैं। स्वायत्त निकायों के कार्य संचालन के तौर-तरीकों के साथ-साथ गैर-कर राजस्व, प्रयोक्ता प्रभारी, ई-प्राप्ति पोर्टल के संबंध में नए नियम जोड़े गए हैं।
लोक लेखा समिति ने अप्रैल, 2015 में, सचिवों के समूह ने फरवरी, 2016 में और व्यय प्रबंधन आयोग ने मार्च, 2016 में सामान्य वित्तीय नियमों की समीक्षा करने के लिए एक कार्यदल का गठन करने की सिफारिश की है ताकि उपर्युक्त पैरा में रेखांकित किए गए मुद्दों के संबंध में व्यापक नियम बनाए जा सके।
सामान्य वित्तीय नियमावली, 2017 केन्द्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों, कुछ राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों के साथ कार्यदल स्तर पर और उसके बाद व्यापक विचार-विमर्ष के परिणामस्वरूप तैयार हुई है। चर्चा हेतु भी वित्त मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड किया गया था। भारत सरकार के प्रत्येक विभाग / मंत्रालय के सचिवों से अपने-अपने क्षेत्र की विषिष्ट आवष्यकताओं को ध्यान में रखते हुए परिवर्तनों/उपांतरों के संबंध में अपनी राय देने के लिए कहा गया था। मंत्रालय के अंदर भी विस्तार से चर्चा की गई थी। सामान्य वित्तीय नियमों के मसौदे पर नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की टिप्पणियों को भी ध्यान में रखा गया है।
किसी भी नियम का उद्देश्य एक ऐसी रूपरेखा उपलब्ध करवाने का होता है जिसके अन्दर कोई संगठन भिन्न-मिन्न स्थितियों से निपटने में अपना लचीलापन बनाए रखते हुए वित्तीय तौर पर विवेकपूर्ण ढंग से अपने कार्य व्यापार की व्यवस्था करता है। सरकार की वित्तीय प्रणाली और प्रक्रियाओं में सरलता और पारदर्षिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सामान्य वित्तीय नियमावली, 2005 की विस्तार से समीक्षा की गई है। उम्मीद है कि नई सामान्य वित्तीय नियमावली, 2017 से, समय पर सेवाओं की सुपुर्दगी सुगम बनाने के लिए आवष्यक लचीलापन उपलब्ध होगा और राजकोषीय प्रबंधन की एक बेहतर, दक्ष और प्रभावकारी कार्यसंरचना तैयार हो सकेगी।
व्याय विभाग सामान्य वित्तीय नियमावली की समीक्षा संबंधी कार्यदल द्वारा किए गए असाधारण कार्य के प्रति और बहुमूल्य सूवनाएं प्रदान करने के लिए नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के कार्यालय, महालेखानियंत्रक के कार्यालय, आर्थिक कार्य विभाग के बजट प्रभाग, मंत्रालयों और विभागों और इस महत्वपूर्ण तथा चुनौतीपूर्ण कार्य को परिश्रम से तथा बारीकी से पूरा करने के लिए अपने अधिकारियों के प्रति आभार प्रकट करता है।
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली
दिनांक 11 फरवरी, 2017 /-
(अशोक लवासा)
वित्त सचिव एवं
सचिव (व्यय)
व्यय विभाग
वित्त मंत्रालय
विषय-वस्तु तालिका
| अध्याय . | अध्याय का नाम | पृष्ठ सं. |
| 1 | प्रस्तावना | 9 |
| 2 | वित्तीय प्रबंधन की सामान्य प्रणाली | 12 |
| I. धनराशि के व्यय और भुगतान संबंधी सामान्य सिद्धांत | 13 | |
| II. खयानत और हानियां | 17 | |
| III. अभिलेख और सूचना प्रस्तुत करना | 19 | |
| 3 | बजट निरूपण और कार्यान्वयन | 20 |
| 4 | सरकारी लेखे | 30 |
| 5 | निर्माण कार्य | 45 |
| 6 | माल और सेवाओं का प्रापण | 48 |
| I. माल का प्रापण | 48 | |
| II. सेवाओं का प्रापण | 66 | |
| 7 | स्टॉक प्रबंधन | 72 |
| B | संविदा प्रबंधन | 79 |
| 9 | सहायता अनुदान और ऋण | 184 |
| 10 | विदेशी सहायता प्राप्त परियोजनाओं का बजट निर्धारण और लेखांकन | 107 |
| 11 | सरकारी गारंटियां | 112 |
| 12 | विविध विषय | 119 |
| I | स्थापना | 119 |
| II | राकरव प्रतिदाय | 122 |
| III | सरकार का ऋण एवं विविध दायित्व | 123 |
| IV. | प्रतिभूति निक्षेप | 124 |
| V. | भूमि और मवनों का हस्तांतरण | 125 |
| VI. | पर्मार्थ निधि और अन्य न्यारा | 126 |
| VII. | स्थानीय निकाय | 127 |
| VIII. | अभिलेखों का रख-रखाव | 127 |
| IX. | आकस्मिक एवं विविध व्यय | 127 |
परिशिष्ट
| परिशिष्ट सं. | विषय | पृष्ठ सं. |
| 1 | हानि आदि की जिम्मेदारी के आवरण को विनियमित करने के लिए अनुदेश | 128 |
| 2 | प्राप्तियों के विस्तृत प्राक्कलन तैयार करने की प्रक्रिया | |
| 3 | समेकित निधि से व्यय के विस्तृत प्राक्कलन तैयार करने के अनुदेश | 132 |
| 4 | विस्तृत अनुदान मांगों के संकलन की प्रक्रिया | 139 |
| 5 | पूरक अनुदान मांगों के संबंध में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया | 142 |
| 6 | भारत की आकस्मिकता निधि नियम | 144 |
| 7 | संघ और राज्य सरकारों के बीच भूमि और भवनों का अंतरण | 147 |
| 8 | पूर्व विन्यास और अन्य न्यास | 150 |
| 9 | लेखाओं से संबंधित कार्यालय रिकार्ड का नष्ट किया जाना | 164 |
| 10 | “धनराशि के प्रावधान पर नियंत्रण | 174 |
| 11 | मूल्य परिवर्तन खंड के लिए सूत्र | 175 |
| 12 | गारंटी फीस की दरें | 176 |
फॉर्म
| फॉर्म क्र. सं. | विवरण | पृष्ठ स |
| जीएफआर 1 | अतिरिक्त विनियोजन के लिए आवेदन | 177 |
| जीएफआर 2 | राजस्व प्राप्तियां | 178 |
| जीएफआर 2 क | विदेशी अनुदानों के प्राक्कलन | 179 |
| जीएफआर 2-ख | व्याज प्राप्तियों और ऋण अदायगी के प्राक्कलन | 150 |
| जीएफआर 3 | देनदारी रजिस्टर | 181 |
| पीएफआर 3-क | देनदारियों का विवरण | 183 |
| जीएफआर 4 | बजट पूर्व चर्चा के लिए प्रस्तावों का विवरण | 186 |
| जीएफआर 5 | लेखा शीर्ष के तहत व्यय दर्शाने वाला रजिस्टर | 188 |
| जीएफआर 6 | संवितरण अधिकारियों से लेखे प्राप्ति पर नजर रखने के लिए विस्तृत शीट | 189 |
| जीएफआर 7 | संकलन शीट | 190 |
| जीएफआर 8 | समेकित लेखे | 191 |
| जीएफआर 9 | केन्द्र सरकार के किसी विभाग के विभागाध्यक्ष से विवरणियों की प्राप्ति पर निगरानी के लिए विस्तृत शीट | 192 |
| जीएफआर 10 | बिक्री के लिए अधिशेष, अप्रचलित और अनुपयोगी सामग्री की रिपोर्ट | 193 |
| जीएफआर 11 | बिक्री लेखा | 194 |
| बीएफआर 12 क | उपयोग प्रमाणपत्र का फार्म (स्वायत्त निकाय) | 195 |
| जीएफमार 12-6 | उपयोग प्रमाणपत्र का फार्म (ऋणों के लिए) | 197 |
| जीएफआर 12-म | उपयोग प्रमाणपत्र का फार्म (राज्य सरकारें) | 198 |
| जीएफआर 13 | 31 मार्च, 20 की स्थिति के अनुसार बकाया कुल शेष ऋण (ऋणों) का विवरण और चूकों का ब्यौरा | 199 |
| जीएफआर 14 | प्रतिभूति बंध-पत्र (प्रतिभूति के रूप में जमा किया गया विश्वस्तता बंध-पत्र) फार्म | 200 |
| जीएफआर 15 | ऋण स्वीकृति के समय केन्द्र सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाले उपक्रम/निगम द्वारा निष्पादित किए जाने वाले लिखित वचनबंध का फार्म | 202 |
| जीएफआर 16 | प्रभार हस्तांतरण का प्रमाण-पत्र | 203 |
| जीएफजार 16-क | कार्यभार ग्रहणा रिपोर्ट | 205 |
| जीएफआर 17 | विश्वस्तता गारंटी पॉलिसी | 206 |
| जीएफआर 18 | पंजीकरण रजिस्टर | 209 |
| जीएफआर 19 | ऋण और उस पर ब्याज की अदायगी के लिए नियत तारीख के बारे में उधारकर्ता को सूचना | 210 |
| जीएफआर 20 | पॉलिसी पारक का रजिस्टर | 211 |
| जीएफआर 21 | स्वीकृतिदाता प्राधिकारी द्वारा रखा जाने वाला अनुदान रजिस्टर | 212 |
| जीएफआर 22 | अचल संपत्ति रजिस्टर | 213 |
| बीएफआर 23 | लेखन सामग्री, रसायनों, कल पुर्जी आदि जैसी उपभोज्य वस्तुओं का स्टॉक रजिस्टर | 214 |
| बीएफआर 24 | ऐतिहासिक/कलात्मक महत्व की संपत्तियों का रजिस्टर | 215 |
| बीएफसार 25 | सरकारी गारंटियां | 216 |
| बीएफआर 26 | वित्त मंत्रालय को गारंटियों से संबंधित आंकडे प्रस्तुत करना | 217 |
| सामंजस्य तालिका | 218 |



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