पुनर्नियोजित सरकारी कर्मचारी की दशा में सेवानिवृत्ति पूर्व सिविल सेवा की गणना – केंद्रीय सिविल सेवा(पेंशन) नियमावली, 2021

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पुनर्नियोजित सरकारी कर्मचारी की दशा में सेवानिवृत्ति पूर्व सिविल सेवा की गणना – केंद्रीय सिविल सेवा(पेंशन) नियमावली, 2021

पुनर्नियोजित सरकारी कर्मचारी की दशा में सेवानिवृत्ति पूर्व सिविल सेवा की गणना – केंद्रीय सिविल सेवा(पेंशन) नियमावली, 2021

सं.-28/90/2022-पी&पीडबल्यू(बी)8297
भारत सरकार
कार्मिक, ल्रोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय
पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग

तीसरा तल, लोकनायक भवन, ख़ान मार्केट,
नई दिल्‍ली, दिनांक 02 अक्तूबर, 2022

कार्यालय ज्ञापन

विषय: केंद्रीय सिविल सेवा(पेंशन) नियमावली, 2021 के अधीन पुनर्नियोजित सरकारी कर्मचारी की दशा में सेवानिवृत्ति पूर्व सिविल सेवा की गणना।

अधोहस्ताक्षरी को यह सूचित करने का निदेश हुआ है कि पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने केंद्रीय सिविल सेवा(पेंशन) नियमावली, 1972 का अधिक्रमण करते हुए केंद्रीय. सिविल सेवा(पेंशन) नियमावली, 2021 को अधिसूचित किया है।

2. केंद्रीय. सिविल्र सेवा(पेंशन) नियमावली, 1972 के नियम 19 के अनुसार ऐसा सरकारी कर्मचारी, जो प्रतिकर पेंशन या अशक्‍्त पेंशन पर पहले सेवानिवृत्त होने के पश्चात्‌ पुनर्नियोजित होने पर पेंशन और उपदान के लिए पूर्व सेवा की गणना अर्हक सेवा के रूप में कश्ने के लिए विकल्प का प्रयोग करने के लिए अपनी पेंशन का आहरण बंद कर देता है और () पहले ली गई पेंशन, (1) पेंशन के भाग के संराशीकरण के लिए स्वीकार किए गए मूल्य, और (#) सेवा उपदान की रकम, जिसके अंतर्गत सेवानिवृत्ति उपदान, यदि कोई हो, भी है वापस कर देता है या वापस करने के लिए सहमत होता है।

3. राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली को शुरू करने के पश्चात्‌ दिनांक 01.01.2004 को या उसके पश्चात्‌ नियुक्त सरकारी कर्मचारियों पर केंद्रीय सिविल सेवा(पेंशन) नियमावली, 1972 के नियम लागू नहीं होते थे। अत: केंद्रीय सिविल सेवा(पेंशन) नियमावली, 1972 के नियम 18 के तहत दिया गया विकल्‍प केवल उन सरकारी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध था जिन्हें 31 दिसंबर, 2003 को या उससे पूर्व पुर्नियोजित किया गया था। यदि कोई सरकारी कर्मचारी, प्रतिकर पेंशन या अशकत पेंशन पर सेवानिवृत्त होने के पश्चात, 31 दिसंबर, 2003 के बाद पुनर्नियोजित किया गया है।था, तो वह पेंशन आहरित करना जारी रखेगा और/या पिछली सेवा के लिए प्राप्त उपदान को रखेगा और पुनर्नियोजित होने पर, वह राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली को शासित करने वाले नियमों द्वारा कवर किया जाएगा।

4. यदि किसी पुनर्नियोजित पेंशनभोगी, जिसे 31 दिसंबर, 2003 को या उससे पूर्व किसी सिविल पद पर पुनर्नियोजित किया गया था, द्वारा प्रयोग किया गया उपरोक्ल विकल्प, केंद्रीय सिविल सेवा(पंशन) नियमावली, 1972 के नियम 18 के तहत अनुजैय था तो केंद्रीय सिविल सेवा(पेंशन) नियमावली, 2021 के नियम 19 के अनुसार पेंशन और उपदान के लिए पुननियोजन से पहले की गई सेवा की अवधि की गणना अहक सेवा के रूप में की जाती रहेगी।

5. सभी मंत्रालयों/विभागों से अनुरोध है कि केंद्रीय सिविल सेवा(पेंशन) नियमावली, 2021 के अधीन पेंशन और उपदान के लिए पुनर्नियोजन से पहले की गई सेवा की गणना अहक सेवा के रूप में करने से संबंधित उपरोक्त उपबंधों का सख्ती से अनुपालन करने हेतु, इन्हें मंत्रालय/विभाग और उसके अधीन संबदध/अधीनस्थ कार्यालयों में पेंशन हितलाओभों का निपटान करने वाले कार्मिकों के संज्ञान में लाएं।

(एस. चक्रवर्ती)
अवर सचिव, भारत सरकार

सेवा में,
सभी मंत्रालय/विभाग/संगठन,
(मानक सूची के अनुसार)

In English: Counting of pre-retirement civil service in the case of re-employed Government servants under the Central Civil Services (Pension) Rules, 2021

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