Hiring of Temporary Staff through contracts संविदा के माध्यम से अस्थायी कर्मचारियों की सेवाएं लेना

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Hiring of Temporary Staff through contracts संविदा के माध्यम से अस्थायी कर्मचारियों की सेवाएं लेना

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Hiring of Temporary Staff through contracts संविदा के माध्यम से अस्थायी कर्मचारियों की सेवाएं लेना GOVERNMENT OF INDIA MINISTRY OF PERSONNEL, PUBLIC

Encouraging enrolment under Pradhan Mantri Shram Yogi Maan-dhan (PM-SYM) & Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojna (PMJJBY): Railway Board Order
Violation of Minimum Wage Policy: Incidents that owners are not paying minimum wages to their labourers;
Revised VDA Minimum Wages for Watch and Ward Duties with and without Arms w.e.f 1st Oct 2021: Supersession Order Dt 29.07.2022

Hiring of Temporary Staff through contracts संविदा के माध्यम से अस्थायी कर्मचारियों की सेवाएं लेना

GOVERNMENT OF INDIA
MINISTRY OF PERSONNEL, PUBLIC GRIEVANCES AND PENSIONS
(DEPARTMENT OF PERSONNEL & TRAINING)
LOK SABHA
UNSTARRED QUESTION NO. 535
(TO BE ANSWERED ON 20.07.2022)

HIRING OF TEMPORARY STAFF

535. SHRI KUMBAKUDI SUDHAKARAN:
Will the PRIME MINISTER be pleased to state:

(a) whether the Union Government is hiring temporary staff apart from permanent staff in its various departments functioning in the National Capital Territory of Delhi;

(b) if so, the total number of temporary and permanent staff employed in each Union Government department in Delhi;

(c) the gender-wise data on the temporary and permanent staff employed in each Union Government department;

(d) the details of salary being paid to temporary staff employed in various Union Government departments;

(e) the details of the leave policy and other benefits given to temporary staff employed by the Government; and

 

(f) the number of temporary staff who has served for more than three years including extension and renewal of contract?

ANSWER

MINISTER OF STATE IN THE MINISTRY OF PERSONNEL, PUBLIC GRIEVANCES AND PENSIONS AND MINISTER OF STATE IN THE PRIME MINISTER’S OFFICE (DR. JITENDRA SINGH)

(a): Keeping in view the administrative exigency of work and efficiency and economy of operations, outsourcing for services through contract is resorted to by the Ministries/Departments in terms of General Financial Rules (GFR), 2017. The permanent posts. are filled up in accordance with the Recruitment Rules.

(b): The estimated number of Central government civilian regular employees, as per the Annual Report of Pay Research Unit of the Department of Expenditure, as on 01.03.2021, is 30,55,876 as detailed at Annexure.

(c): As per the Census of Central Government employees brought out by the Directorate General of Employment and Training, Ministry of Labour, the total number of permanent employees in various Central Ministries/Departments was 30,87,278 out of which 3,37,439 employees were women as on March, 2011. The gender-wise data in respect of the outsourced staff engaged in various Government departments is not centrally maintained.

(d) While the permanent staff is paid salary and-allowances- as per the prescribed-pay ‘Structure for the Central Government employees, the outsourced staff hired through contracts are paid in compliance to terms of provisions of GFR.

(e): The outsourced staff is hired through outsourcing agency and they are not the employees of Union of India. Outsourced employees are covered under Employees’ Provident Fund (EPP) “Employees”-State Insurance -Corporation (ESIC); etc=The-outsourced-staff is entitled to eight days of Casual Leave per year on pro-rata basis, in case of services hired on annual basis and having five working days in a week.

(f): No such data is centrally maintained.


भारत सरकार
कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय
(कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग)
लोक सभा
अतारांकित प्रश्न संख्या: 535
(दिनांक 20.07.2022 को उत्तर के लिए)

अस्थायी कर्मचारियों की सेवाएं लेना

535. श्री के. सुधाकरन :

क्या प्रधान मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे किः
(क) क्या केंद्र सरकार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली में अपने विभिन्‍न विभागों में स्थायी कर्मचारियों के अलावा अस्थायी कर्मचारियों की भर्ती कर रही है;

(ख) यदि हां, तो दिल्‍ली में केंद्र सरकार के प्रत्येक विभाग में कुल कितने अस्थायी और स्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं;

(ग) केंद्र सरकार के प्रत्येक विभाग में कार्यरत अस्थायी और स्थायी कर्मचारियों संबंधी लिंग-वार डेटा क्‍या है;

(घ) केंद्र सरकार के विभिन्‍न विभागों में कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों को दिए जाने वाले वेतन का ब्यौरा क्‍या है;

(ड) सरकार द्वारा नियोजित अस्थायी कम॑चारियों के संबंध में अवकाश नीति और उनको दिए जाने वाले अन्य लाभों का ब्यौर क्या है; और

(च) कितने अस्थायी कर्मचारियों ने अनुबंध बढ़ाए जाने और नवीनीकरण सहित तीन साल्र से अधिक समय तक सेवा प्रदान की?

उत्तर

कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय में राज्य मंत्री तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री (डॉ. जितेन्द्र सिंह)

(क) : कार्य की प्रशासनिक तात्कालिक आवश्यकता तथा प्रचालन की दक्षता और मितव्ययिता को ध्यान में रखते हुए, मंत्रालयों/विभागों के द्वारा सामान्य वित्तीय नियमावली (जी.एफ.आर), 2017 के अनुसार संविदा के माध्यम से सेवाओं के लिए आउटसोसिंग का सहारा लिया जाता है। स्थायी पद भर्ती नियमों के अनुसार भरे जाते हैं।

(ख) : व्यय विभाग की वेतन अनुसंधान इकाई के अनुसार 01.03.2021 की स्थिति के अनुसार केंद्र सरकार के सिविलियन नियमितकर्मचारियों की आकलित संख्या 30,55,876 है जैसा कि संल्ग्नक में विवरण दिया गया है।

(ग) : रोजगार एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय और श्रम मंत्रालय द्वारा प्रकाशित की गई केंद्र सरकार के कर्मचारियों की गणना के अनुसार मार्च, 2011 तक की स्थिति के अनुसार विभिन्‍न केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों में स्थायी कर्मचारियों की कुल संख्या 30,87,278 थी, जिनमें से 3,37,439 कर्मचारी महिला थीं। विभिन्‍न सरकारी विभागों में कार्यरत आउटसोर्स किए गए स्टाफ के संबंध में लिंग-वार डाटा केंद्रीय रूप से नहीं रखा जाता है।

(घ) : जबकि स्थायी स्टाफ को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए निर्धारित वेतन-संरचना के अनुसार वेतन एवं भत्ते दिए जाते हैं, वहीं संविदाओं के माध्यम से कार्य पर रखे गए आउटसोर्स स्टाफ को सामान्य वित्तीय नियमों (जीएफआर) के प्रावधानों के अनुसार वेतन दिया जाता है।

(ड) : आउटसोर्स स्टाफ को आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से कार्य पर रखा जाता है और वे केंद्र सरकार के कर्मचारी नहीं होते हैं। आउटसोर्स कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ), कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) इत्यादि के अंतर्गत आते हैं। यदि ऐसी सेवाएं वार्षिक आधार पर ली जाती है तो आउटसोर्स स्टाफ यथानुपात (प्रो-राटा) आधार पर प्रति वर्ष आठ दिनों के आकस्मिक अवकाश का हकदार होता है और एक सप्ताह में पांच कार्य दिवस होते हैं।

(च) : ऐसा कोई भी आंकड़ा केंद्रीय रूप से नहीं रखा जाता है।

Source: Lok Sabha PDF

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