भर्ती और प्रवेश के लिए केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) आयोजित करना – स्थापित मानकीय मानक एवं दिशानिर्देश: डी.ओ.पी.टी.

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भर्ती और प्रवेश के लिए केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) आयोजित करना – स्थापित मानकीय मानक एवं दिशानिर्देश: डी.ओ.पी.टी.

भर्ती और प्रवेश के लिए केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) आयोजित करना – स्थापित मानकीय मानक एवं दिशानिर्देश: डी.ओ.पी.टी. आदेश दिनांक 18.10.2023

फा. सं. 39020/14/2023-स्था. (ख)
भारत सरकार
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग

नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्‍ली
दिनांक 18 अक्टूबर, 2023

आदेश

विषय: विभिन्‍न पदों पर भर्ती और स्नातक/स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु केंद्र सरकार एवं इसकी एजेंसियों द्वारा कम्प्यूटर आधारित परीक्षाओं के आयोजन हेतु स्थापित मानकीय मानक एवं दिशानिर्देश।

English: Conduct of Computer Based Tests (CBT) by Central Government and its agencies for recruitment and admission: DoP&T OM

केंद्र सरकार में विभिन्‍न पदों पर भर्ती के लिए कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) एवं बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (आईबीपीएस) सहित भर्ती एजेंसियां कम्प्यूटर आधारित परीक्षाओं (सीबीटी) का आयोजन करती हैं। इसी प्रकार से, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) अभियांत्रिकी, चिकित्सा एवं अन्य स्नातक/स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में संयुक्त प्रवेश हेतु परीक्षाओं का आयोजन करती है। उक्त परीक्षा आयोजन एजेंसियों (ईसीए)के अलावा बहुत-सी इकाइयां बाजार आधारित सेवा प्रदाताओं डिजिटल एवं भौतिक ढांचा (परीक्षा केंद्र) तथा सॉफ्टवेयर समाधानों को शामिल करती हैं, जो पूरे देश में पारदर्शी, निष्पक्ष एवं विश्वसनीय सीबीटी के आयोजन को सुनिश्चित करने में मुख्य भूमिका निभाते हैं।

2, इन ईसीए द्वारा, साथ ही विभिन्‍न राज्य ईसीए द्वारा भी, सीबीटी के आयोजन के विगत अनुभव कुछ ऐसी डिजिटल एवं फिजिकल दोषपूर्णताओं को इंगित करते हैं, जिनका बेईमान तत्वों द्वारा अनुचित साधनों के माध्यम से दुरुपयोग किया गया है। हालांकि, इन कदाचारों का उद्देश्य कुछ चुनिंदा उम्मीदवारों को ल्लाभ पहुंचाने का होता है, परंतु इससे परीक्षा की संपूर्ण विश्वसनीयता प्रतिकूल रूप से प्रभावित होती है और साथ ही वास्तविक एवं ईमानदार उम्मीदवारों की सफलता और उनके अवसर भी खतरे में आ जाते हैं।

3. इन दोषपूर्णताओं और इनके सहायक कारकों के विस्तृत विश्लेषण के आधार पर, वर्तमान दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण सुधार करने की तत्काल आवश्यकता है, जिसमें निम्न शामिल हैं:-

(i) परीक्षाओं की आयोजना एवं आयोजन, दोनों के एक और अधिक समन्वित और एकीकृत साझा तंत्र हेतु ईसीए की समावेशी (डीसाइलोड) कार्यप्रणाली।

(ii) स्थापित एवं मानकीकृत शिष्टाचार (प्रोटोकॉल) एवं दिशानिर्देश, जिनका सभी ईसीए और उनके सेवा प्रदाताओं द्वारा अनुपालन किया जाता है।

(iii) वास्तविक परीक्षा केंद्रों एवं सॉफ्टवेयर समाधान संबंधी सेवाओं, दोनों की खरीद के लिए प्रस्ताव और सेवा स्तर के लिए आदर्श अनुरोध (आरएफपी) ।

(iv) मुख्य रूप से छद्मरूपण पर ल्क्षित नियंत्रण नीति एवं उचित तकनीक का प्रयोग।

(v) साइबर सुरक्षा पर मानक प्रचालन प्रक्रियाएं (एसओपी), जिन्हें सभी ईसीए और इसके सभी केंद्रों पर साझा और लागू किया गया है और महत्वपूर्ण सूचनाओं का साझाकरण।

(vi) ऐसी नीतियों का निर्माण करना, जो बाजार में सेवा प्रदाताओं के प्रतियोगी पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहित और परिपोषित करे।

(vii) इस उददेश्य से विकसित संसाधनों के राष्ट्रीय पूल के सभी केन्द्रीय ईसीए द्वारा उपयोग हेतु रणनीतियाँ बनाना और अनुकूलित करना और साथ ही जब भी अनुरोध किया जाए तो इसे राज्यों के लिए भी उपलब्ध करवाना।

4. तदनुसार, यह निर्णय लिया गया है कि राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए), समय-समय पर आवश्यकतानुसार स्थापित मानक एवं दिशानिर्देश तैयार करेगी, जिन्हें अधिसूचित किया जाएगा। एनआरए, उन मुद्दों के समाधान हेतु, जिनमें से कुछ ऊपर सूचीबद्ध किए गए हैं, शिष्टाचार एवं नीतिगत ढांचा विकसित करेगी। केन्द्रीय ईसीए और सेवा प्रदाताओं दवारा दिशानिर्देशों एवं मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु एनआरए प्रभावी साधन भी विकसित करेगी।

5. सभी ईसीए और इसके सेवा प्रदाताओं द्वारा अपनाए जाने वाले मानकीय एवं मानकीकृत शिष्टाचार और दिशानिर्देश” शीर्षक के तहत शामिल किए जाने वाले व्यापक सांकेतिक क्षेत्र संलग्नक पर सूचीबदृध हैं।

6. ये दिशानिर्देश/मानक, जब तक अन्यथा प्रावधान ना किया जाए कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी), बैंकिंग कामिक चयन संस्थान (आईबीपीएस) राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) एवं ऐसी केन्द्रीय एजेंसियों, जो विभिन्‍न पदों पर भर्ती और स्‍नातक/स्नातकोत्तर पाठयक्रमों में भर्ती हेतु परीक्षाओं का आयोजन करती है, पर लागू होंगे। राज्य की परीक्षा आयोजन एजेंसियां भी कदाचारों को रोकने और परीक्षाओं के सीबीटी माध्यम से आयोजन को लीक-प्रूफ बनाने को सुनिश्चित करने के लिए इन दिशानिर्देशों और मानकों का पालन कर सकती हैं।

(जास्मीन)
अवर सचिव, भारत सरकार
दूरभाष: 23092508

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अनुलग्‍नक ः

मानकीय एवं मानकीकृत शिष्टाचार शीर्ष के अंतर्गत शामिल प्रमुख क्षेत्र तथा ई.सी.ए. इसके सेवा प्रदाताओं द्वारा अपनाए जाने वाले दिशानिर्देश 

1. प्रश्न बैंक के लिए विनियामक एवं मानकीकृत मानदंड तथा दिशानिर्देश एवं उनका प्रबंधन/कार्यानवयन द

दिशानिर्देश में निम्नालिखित क्षेत्र शामिल होंगे

(क) प्रश्न बैंक के सृजन की प्रक्रिया।

(ख) विषय-वस्तु के निर्माण यथा प्रश्न तैयार करने, अनुवाद तथा अंतिम रूप देने संबंधी सम्पूर्ण कार्यकलाप की गोपनीयता सुनिश्चित करना।

(ग) अनन्य (एक्सक्लूसिव) प्रश्न बैंक तैयार करना।

2. सीबीटी के आयोजन हेतु इलेक्ट्रॉनिक प्लैटफॉर्म के लिए मानकीय एवं मानकीकृत शिष्टाचार।

जिन इलेक्ट्रॉनिक प्लैटफॉर्म पर सीबीटी का आयोजन होता है, वे सीबीटी का केन्द्रीय घटक हैं। यह एक इलेक्ट्रॉनिक सॉफ्टवेयर सिस्टिम है, जो परीक्षा के समग्र आयोजन के लिए प्लैटफॉर्म का कार्य करता है। इलेक्ट्रॉनिक प्लैटफॉर्म से संबंधित निम्नलिखित पहलुओं को दिशानिर्देशों/मानदंडों के माध्यम से शामिल किया जाना चाहिए :

क) इलेक्ट्रॉनिक प्लैटफॉर्म के लिए सेवा-स्तरीय विशिष्टताओं/मानदंडों का विकास।
ख) इलेक्ट्रॉनिक प्लैटफॉर्म/सॉफ्टवेयर ऐप्लीकेशनों एवं संबंधित सेवाओं का विकास करना/प्राप्त करना।
ग) हैकिंग जैसे कदाचारों से प्लैटफॉर्म की सुरक्षा करना।
घ) प्रश्न- पत्रों का प्रेषण एवं प्रतिक्रियाओं को एकत्र करना।
ङ) इलेक्ट्रॉनिक प्लैटफॉर्म की संगतता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना।
च) इलेक्ट्रॉनिक प्लैटफॉर्म की संरचना।
छ) इलेक्ट्रॉनिक प्लैटफॉम/सिस्टम की पुष्टि एवं लेखापरीक्षा। द द
ज) इलेक्ट्रॉनिक प्लैटफॉर्म के विकास एवं उपयोग से संबंधित कोई अन्य पहलू।

सीबीटी लैब को केन्द्रीय स्तर पर नियंत्रित किया जाना चाहिए और एमईआईटीवाई दवारा निर्धारित साइबर सुरक्षा दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए एनआरए द्वारा तैयार किए गए साइबर सुरक्षा मानकों का पालन किया जाना चाहिए।

3. उम्मीदवारों की पंजीकरण प्रक्रिया के लिए मानकीय एवं मानकीकृत शिणष्टाचार के वे क्षेत्र, जिन पर ध्यान दिया जाना है :

क) मानकीकरण एवं सभी आवेदनों/पंजीकरण सॉफ्टवेयर एवं प्रकियाओं की अंतरसंक्रियात्मकता (इंटर आपरेटिबिलिटी) सुनिश्चित करना।
ख) प्रतिरूपण को रोकना।
ग) आवेदकों के बायोमेट्रिक डाटा को दर्ज करना।
घ) वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) का उपयोग।

4. सीबीटी के लिए परीक्षा केन्द्रों और निरीक्षण हेतु मानकीय एवं मानकीकृत शिष्टाचार और दिशानिर्देश।

सीबीटी के आयोजन के लिए परीक्षा केन्द्र, परीक्षा व्यवस्था का सर्वाधिक महत्व पूर्ण घटक हैं। वर्तमान में, अधिकतर सरकारी निकायों के पास नियुक्ति/प्रवेश के लिए सीबीटी के आयोजन हेतु समर्पित परीक्षा अवसंरचना नहीं हैं। परीक्षा केन्द्रों की व्यवस्था सेवा प्रदाताओं द्वारा की जाती है। ये परीक्षा केन्द्र प्रायः तृतीय पक्ष द्वारा किराए पर लिए जाते हैं। ये केन्द्र मानक परीक्षा केन्द्र नहीं हैं। साथ ही, निरीक्षण, सर्वर रूम सहित आईटी अवसंरचना के प्रबंधन के लिए इन केन्द्रों पर नियोजित कर्मचारी प्राय: तृतीय पक्ष दवारा आउटसोर्स किए जाते हैं। ये अंतराल इन्हें विभिन्‍न कदाचारों के संदर्भ में जोखिमपूर्ण बनाते हैं। अत: निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा सकता है:-

क) सीबीटी केन्द्र स्थापित करना।
ख) सीबीटी का पता लगाने और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए अलग से सीबीटी की स्थापना के लिए मानवंड।
ग़) इमारतों की पहचान और उनका सीबीटी केन्द्रों के रूप में विकास करना।
घ) सीबीटी केन्द्रों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना।
ङ) सीबीटी केन्द्रों के भीतर स्थान की आवश्यकता।
च) सीबीटी केन्द्रों के भीतर उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाएं।
छ) राज्य की प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय।
ज) सीबीटी का प्रबंधन, संचालन एवं पर्यवेक्षण।
झ) सीबीटी केन्द्रों में मानव संसाधन का नियोजन।
ञ) हार्डवेयर सुविधाओं का उपबंध एवं उनका प्रबंधन।
ट) परीक्षा का आयोजन एवं पर्यवेक्षण।
ठ) परीक्षा प्रकिया के संचालन के दौरान बाह्य एजेंसी द्वारा लेखा परीक्षा।
ड) परीक्षा प्रक्रिया की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी।
ठ) परीक्षा केन्द्रों को स्वच्छ बनाना।
ण) परीक्षा के दौरान आपात स्थितियों एवं अप्रत्याशित घटनाओं से निपटना।
त) कम्प्यूटर आधारित परीक्षा के आयोजन के लिए राज्य सरकार से समर्थन एवं सहयोग हेतु प्रोटोकॉल।
थ) परीक्षा के आयोजन से संबंधित एनआरए द्वारा यथा-निर्धारित कोई अन्य क्षेत्र।

5. मूल्यांकन एवं विश्लेषण प्रक्रिया के लिए मानकीय एवं मानकीकृत मानदंड।

एक बार परीक्षा अयोजित हो जाने और उत्तर केन्द्रीय डाटा केन्द्र को प्रेषित कर दिए जाने, के बाद उत्तरों का मूल्यांकन किया जाएगा, समन्वित दिशानिर्देश एवं सेवा स्तरीय मानदंडों के माध्यम से निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा सकता है:

क) प्रश्न-पत्र एवं उत्तर कुंजियों पर आपत्तियां मांगना और उनका निवारण।
ख) बहु-आषायी प्रश्नों एवं उत्तरों से डील करना।
ग) उम्मीदवारों के उत्तरों का रिकॉर्ड रखना।

6. कदाचारों को रोकने के लिए सुद्दढ़ निरीक्षण-तंत्र हेतु मानकीय एवं मानकीकृत मानदंड।  निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाना है :-

क) कदाचारों की व्याख्या करना।
ख)कदाचारों की पहचान करना।
ग) कदाचारों पर रोक लगाना।
घ) कदाचार की घटनाओं से निपटना (डील करना)।
ङ) कदाचारों का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए कृत्रिम बुद्धिमता (आर्टीफिशियल इंटलिजेंस) और मशीन अधिगम(लर्निंग) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करना।
च) वर्जित (डीबार्ड) उम्मीदवारों तथा काली सूची में डाले गए सेवा प्रदाताओं, केन्द्रों, स्क्राइब्स आदि के संबंध में सूचना साझा करना:

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