महंगाई भत्ता को रोकने के सरकार के पास पर्याप्त अधिकार – दिल्‍ली हाई कोर्ट

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महंगाई भत्ता को रोकने के सरकार के पास पर्याप्त अधिकार – दिल्‍ली हाई कोर्ट

महंगाई भत्ता को रोकने के सरकार के पास पर्याप्त अधिकार - दिल्‍ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में हुए इजाफे के भुगतान पर रोक के खिलाफ दायर

Dearness Allowance/ Dearness Relief Freeze: Urging upon the Government of India to withdraw the decision of DA/DR freeze
Additional DA/DR due from 01/01/2020: Request by AIDEF for extending the benefit of economic package/relief by releasing DA/DR
महंगाई भत्ता (DA) और मंहगाई राहत (DR) फ्रिज करने के आदेश के खिलाफ याचिका दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा खारिज

महंगाई भत्ता को रोकने के सरकार के पास पर्याप्त अधिकार – दिल्‍ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में हुए इजाफे के भुगतान पर रोक के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया.

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महंगाई भत्ता को रोकने के सरकार के पास पर्याप्त अधिकार – दिल्‍ली हाई कोर्ट

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में हुए इजाफे के भुगतान पर रोक के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। अर्जी में केंद्र सरकार की ओर से जनवरी, 2020 से बढ़े हुए महंगाई भत्ते के भुगतान पर रोक लगाने के फैसले को चुनौती दी गई थी।

महंगाई भत्ते में हुए इजाफे की रकम को जारी करने की समयसीमा से जुड़ा कोई कानून नहीं है और किसी भी नियम के तहत केंद्र सरकार को आदेश नहीं दिया जा सकता है। यह कहते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में हुए इजाफे के भुगतान पर रोक के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। अर्जी में केंद्र सरकार की ओर से जनवरी, 2020 से बढ़े हुए महंगाई भत्ते के भुगतान पर रोक लगाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने पिटिशन पर सुनवाई करते हुए कहा कि बढ़े हुए डीए के भुगतान की समयसीमा को लेकर ऐसा कोई कानून नहीं है, जिसके प्रति केंद्र सरकार की जवाबदेही हो। ऐसे में हम सरकार के फैसले के खिलाफ दायर इस याचिका में कोई मेरिट नहीं पाते।

Freezing of DA and DR w.e.f. 01.01.2020 -Delhi High Court Judgement

कोर्ट ने अर्जी पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा कि ऑल इंडिया सर्विसेज रूल्स, 1972 के रूल 3 के मुताबिक केंद्र सरकार के पास यह अधिकार है कि वह महंगाई भत्ते के भुगतान को लेकर कोई भी फैसला ले सकती है। अर्जी में उच्च न्यायालय से मांग की गई थी कि वह आदेश दे कि वित्त मंत्रालय बढ़े हुए डीए के भुगतान पर रोक के नोटिफिकेशन को वापस ले। बता दें कि 23 अप्रैल को केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए नोटिफिकेशन के तहत कहा गया था कि कोरोना वायरस के संकट के मद्देनजर 1 जनवरी, 2020 से बढ़े डीए के भुगतान को रोका जा रहा है। इसके अलावा जुलाई, 2020 और जनवरी, 2021 में होने वाले डीए के इजाफे पर भी अग्रिम रोक लगाई गई है।

Freezing of Dearness Allowance and Dearness Relief at current rates till July 2021 महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की मौजूदा दरों को जुलाई 2021 तक रोकने के संबंध में

हालांकि महंगाई भत्ते की मौजूदा दर के मुताबिक केंद्रीय कर्मचारियों को भुगतान किया जा रहा है। फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 17 फीसदी महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। 13 मार्च को केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते में 4 फीसदी के इजाफे को मंजूरी दी थी, लेकिन फिर उस पर रोक लगा दी गई। यदि 4 फीसदी महंगाई भत्ते के भुगतान पर रोक न लगती तो केंद्रीय कर्मचारियों का डीए बढ़कर 21 फीसदी हो जाता। आमतौर पर केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 से 4 फीसदी तक का इजाफा होता है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से बढ़े हुए डीए के भुगतान पर रोक लगाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों ने भी अपने कर्मचारियों को लेकर कड़े फैसले लिए हैं। कुछ राज्यों ने सैलरी में कटौती की है तो कई राज्यों ने बढ़े हुए डीए के भुगतान पर रोक लगा दी है। मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने सूबे के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 5 फीसदी इजाफे के फैसले को वापस ले लिया है।

COMMENTS

WORDPRESS: 1
  • Roop Singh 1 year ago

    पुरानी पेंशन स्कीम को लागू किया जाए