Cadre Restructuring of CBIC will not in line with CBDT सीबीआईसी के संवर्ग का पुनर्गठन सीबीडीटी के अनुरूप नहीं होगा- Govt

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Cadre Restructuring of CBIC will not in line with CBDT सीबीआईसी के संवर्ग का पुनर्गठन सीबीडीटी के अनुरूप नहीं होगा- Govt

Cadre Restructuring of CBIC will not in line with administrative structure of CBDT सीबीआईसी के संवर्ग का पुनर्गठन सीबीडीटी की प्रशासनिक संरचना के अनुरूप नहीं होगा- Govt has stated in Lok Sabha in reply of an unstarred question raised by MP Mr. Lallu Singh that Cadre restructuring of CBIC will not in line with the administrative structure of CBDT.

GOVERNMENT OF INDIA
MINISTRY OF FINANCE
DEPARTMENT OF REVENUE

LOK SABHA

UNSTARRED QUESTION NO. 2197

TO BE ANSWERED ON MONDAY,MARCH 8, 2021
PHALGUNA 17, 1942 (SAKA)

CADRE RESTRUCTURING OF CBIC

2197: SHRI LALLU SINGH
Will the Minister of FINANCE be pleased to state:

a) whether the Government is contemplating to restructure the cadre of CBIC after the implementation of GST;

b) if so, whether it will be in line with the administrative structure of CBDT and if so, the details thereof;

c) whether CBIC has included all the stakeholders of the department in the present cadre restructuring committee as its members and if so, the details thereof;

d) whether it is a fact that in the cadre restructuring proposal, the number of posts in all the cadres have been fixed in proportion to the stipulated functions in the CGST Act, 2017 and if so, the details thereof;

e) whether the Government proposes to fix the number of officers/employees in the proposal in proportion to the demography of the areas, number of tax payers and collected revenue and if so, the details thereof?

ANSWER

MINISTER OF STATE FOR FINANCE (SHRI ANURAG SINGH THAKUR)

(a) Yes, Sir.

(b) No, Sir. It will not be in line with the administrative structure of CBDT.

(c) No, Sir. There was no Cadre Restructuring Committee constituted by CBIC. However, consultations were held with all stake holders including officers and staff federations/associations representing Group A, B and C cadres.

(d) and (e) Yes Sir. The shift in indirect tax administration and its business processes due to introduction of GST has been taken into consideration while formulating the Cadre Restructuring proposal. The average tax payer and revenue base and the geographical contiguity are the two salient principles of the cadre restructuring proposal.

***

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भारत सरकार
वित्त मंत्रालय, राजस्व विभाग
लोक सभा

अतारांकित प्रश्न संखया 2197

(जिसका उत्तर सोमवार , 8 मार्च, 2021/
17 फाल्गुन 1942 (शक) को दिया जाना है)

सीबीआईसी के संवर्ग का पुनर्गठन

2197. श्री लल्लू सिंह :
क्या वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि:

(क) क्या सरकार जीएसटी के क्रियान्वयन के पश्चात्‌ सीबीआईसी के संवर्ग के पुनर्गठन पर विचार कर रही है;

(ख) यदि हां, तो क्या यह सीबीडीटी के प्रशासनिक संरचना की तर्ज पर किया जाएगा एवं यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्‍या है ;

(ग) क्‍या सीबीआईसी ने वर्तमान संवर्ग पुनर्गठन में विभाग के सभी हितधारकों को अपने सदस्य के रूप में शामिल किया है एवं यदि हां, तो तत्सबंधी ब्यौरा क्‍या है ;

(घ) क्‍या यह सच है कि संवर्ग पुनर्गठन प्रस्ताव में सभी संवर्गों में पदों की संखछया सीजीएसटी अधिनियम, 2017 में विनिर्दिष्ट राज्यों के अनुपात में निर्धारित किया गया है और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है; और

(ड.) क्या सरकार का विचार क्षेत्र के जनसांख्यिकी करदाताओं की संख्या और एकत्र किए गए राजस्व के अनुपात में अधिकारियों/कर्मचारियों की संख्या निर्धारित करना है एवं यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है?

उत्तर

वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री (श्री अनुराग सिंह ठाकुर )

(क) जीहां,

(ख) जी नहीं। यह केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की प्रशासनिक संरचना के अनुरूप नहीं होगा ।

(ग) जी नहीं | सीबीआईसी द्वारा किसी संवर्ग पुनर्गठन समिति का गठन नहीं किया गया था। तथापि, समूह क, ख तथा ग संवर्गों का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकारियों तथा स्टाफ संघों/एसोसिएशनों सहित भी हित धारकों के साथ विचार विमर्श किया गया था।

(घ) तथा (ड.) जी हां । जीएसटी की शुरूआत के कारण अप्रत्यक्ष कर प्रशासन तथा इसकी बिजनेस प्रक्रियाओं में बदलाव को संवर्ग पुनर्गठन प्रस्ताव तैयार करते समय ध्यान में रखा गया है । औसत कर दाता तथा राजस्व आधार और भौगोलिक निकटता संवर्ग पुनर्गठन प्रस्ताव के दो प्रमुख सिद्धांत हैं।

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