Employees Pension Scheme, 1995 – Simplification of Rule 17 (payment of pension) कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 के नियम 17 (पेंशन का भुगतान) को सरल बनाना

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Employees Pension Scheme, 1995 – Simplification of Rule 17 (payment of pension) कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 के नियम 17 (पेंशन का भुगतान) को सरल बनाना

Employees Pension Scheme, 1995 – Simplification of Rule 17 (payment of pension) कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 के नियम 17 (पेंशन का भुगतान) को सरल बनाना

GOVERNMENT OF INDIA
MINISTRY OF LABOUR AND EMPLOYMENT
LOK SABHA
UNSTARRED QUESTION NO. 1803
TO BE ANSWERED ON 13.02.2023

EMPLOYEES PENSION SCHEME

†1803. SHRI GIRIDHARI YADAV:
DR. PON GAUTHAM SIGAMANI:
Will the Minister of LABOUR AND EMPLOYMENT be pleased to state:

(a)whether Rule 17 (payment of pension) of the Employees Pension Scheme, 1995 has been simplified and there is a provision to pay penal interest at the rate of 12 per cent to the employee if the pension is not settled within 20 days;

(b)if so, the number of employees for whom settlement of pension was done during the year 1.1.2014 to 31.12.2022;

(c)the amount paid as interest in the above said cases where settlement of pension could not be done within the prescribed period of 20 days;

(d)whether it is a fact that the Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) has made a provision in the Member’s Portal so that retired workers can opt for higher pension and if so, the details thereof; and

(e)whether it is also true that the EPFO has started taking registration requests from employees for application from validation of joint options with the employers and if so, the details thereof?

ANSWER

MINISTER OF STATE FOR LABOUR AND EMPLOYMENT (SHRI RAMESWAR TELI)

(a) to (e): The paragraph 17-A of Employees’ Pension Scheme (EPS), 1995 provides for ‘Payment of Pension’. As per the said paragraph, in case, the Commissioner fails without sufficient cause to settle a claim complete in all respects within 20 days, the Commissioner shall be liable for the delay beyond the said period and penal interest at the rate of 12 per cent. per annum may be charged on the benefit amount and the same may be deducted from the salary of the Commissioner. The number of employees for whom settlement of pension claims was done during the year 01.01.2014 to 31.12.2022 is 28,43,203.

The Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) on 29.12.2022 has issued instructions to call for online applications from pensioners who had retired before 01.09.2014 and had exercised joint options for contributing to pension fund on salary exceeding wage ceiling before their retirement but whose joint options were rejected by the EPFO (on account of cut-off date). This is in compliance with the directions of the Hon’ble Supreme Court as contained in paragraph 44(ix) read with paragraph 44(v) & (vi) of the judgment dated 04.11.2022 in SLP (Civil) No. 8658-8659 of 2019.

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भारत सरकार
श्रम और रोजगार मंत्रालय
लोक सभा
अतारांकित प्रश्न संख्‍या 1803
सोमवार, 13 फरवरी, 2023/24 माघ, 1944 (शक)

कर्मचारी पेंशन योजना

1803. श्री गिरिधारी यादव:
डॉ. पोन गौतम सिगामणि:
क्या श्रम और रोजगार मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि:

(क) कया कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 के नियम 17 (पेंशन का भुगतान) को सरल बनाया गया है और 20 दिनों के भीतर पेंशन का निपटान नहीं होने की स्थिति में कर्मचारी को 12 प्रतिशत की दर से दंडात्मक ब्याज देने का प्रावधान है;

(ख) यदि हां, तो वर्ष 01.01.2014 से 31.12.2022 के दौरान कितने कर्मचारियों की पेंशन का निपटान किया गया;

(ग) उक्त मामलों में ब्याज के रूप में कितनी धनराशि का भुगतान किया गया है, जहां पेंशन का निपटान 20 दिनों की निर्धारित अवधि के भीतर नहीं किया जा सका है;

(घ) क्या यह सच है कि कम॑चारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने सदस्य पोर्टल में ऐसा प्रावधान किया है, जिससे सेवानिवृत्त कामगार अधिक पेंशन का विकल्‍प चुन सकते हैं और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है; और

(ड) क्‍या यह भी सच है कि ईंपीएफओ ने नियोक्ताओं के साथ संयुक्त विकल्पों के सत्यापन हेतु आवेदन पत्र के लिए कर्मचारियों से पंजीकरण अनुरोध लेना आरंभ कर दिया है और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है?

उत्तर

श्रम और रोजगार राज्य मंत्री
(श्री रामेश्वर तेली)

(क) से (3): कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस), 1995 के अनुच्छेद 17-क में ‘पेैंशन के भुगतान’ का प्रावधान है। उक्त अनुच्छेद के अनुसार, यदि आयुक्त 20 दिनों के भीतर सभी प्रकार से पूर्ण दावे को निपटाने के लिए बिना पर्याप्त कारण के विफल रहता है, तो आयुक्त उक्त अवधि से अधिक के विलंब के लिए उत्तरदायी होगा और उस पर 12 प्रतिशत की दर से प्रति वर्ष लाभ राशि पर दंडात्मक ब्याज प्रभारित किया जा सकता है और इसे आयुक्त के वेतन से काटा जा सकता है। वर्ष 01.01.2014 से 31.12.2022 के दौरान जिन कर्मचारियों के पेंशन दावों का निपटान किया गया, उनकी संख्या 28,43,203 है।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन(ईपीएफओ) ने 01.09.2014 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनभोगी जिन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति से पूर्व वेतन सीमा से अधिक वेतन पर पेंशन निधि में अंशदान करने का संयुक्त विकल्प चुना था परंतु जिनके संयुक्त विकल्प को ईपीएफओ द्वारा (अंतिम तिथि होने के कारण) अस्वीकार कर दिया गया था, उनसे ऑनलाइन आवेदन मंगाने के लिए निर्देश जारी किए हैं। यह माननीय उच्चतम न्यायालय के दिनांक 04.11.2022 के निर्णय के पैरा 44(ix) के साथ पठित पैरा 44(v) और (vi) में निहित निर्देशों के अनुसार, कर्मचारी भविष्य निधि द्वारा जारी निर्देश के अनुसार है।

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COMMENTS

WORDPRESS: 1
  • LN Sharma 12 months ago

    epf pension ceiling limit in all Army Public schools was fixed by EPF OFFICESar Rs 15000 and no option was given to any employee to increase his share. now we have retired after 60 years of age but pension has not revised? getting Rs 2525 pension per month. how we will get our daily bread ? please issue fresh order who have retired after 2014.