7th Pay Commission Revised Pay Rules, 2016: नियम 10 के तहत अगली वेतनवृद्धि की तारीख के संबंध में स्पष्टीकरण – OM dt 28.11.2019

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7th Pay Commission Revised Pay Rules, 2016: नियम 10 के तहत अगली वेतनवृद्धि की तारीख के संबंध में स्पष्टीकरण – OM dt 28.11.2019

7th Pay Commission Revised Pay Rules, 2016: नियम 10 के तहत अगली वेतनवृद्धि की तारीख के संबंध में स्पष्टीकरण - OM dt 28.11.2019 सं. 4-21/2017-आईसी/ई-I

7th CPC – Bunching of stages in the revised pay structure under CCS (Reivsed Pay) Rules, 2016: CGA’s instructions
7th CPC: Anomaly arising out of non-grant of option for pay fixation from Date of Promotion or Date of Next Increment (FR 22 (1)(a)(i)]
7th CPC – Railway Services (Revised Pay) Amendment Rules, 2017 – Pay Matrix – Gazette Notification

7th Pay Commission Revised Pay Rules, 2016: नियम 10 के तहत अगली वेतनवृद्धि की तारीख के संबंध में स्पष्टीकरण – OM dt 28.11.2019

सं. 4-21/2017-आईसी/ई-IIIए
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
व्यय विभाग

नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्‍ली-110001
28 नवंबर, 2019

 

कार्यालय ज्ञापन

विषय: केन्द्रीय सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियमावली, 2016 के नियम 10 के तहत अगली वेतनवृद्धि की तारीख के संबंध में स्पष्टीकरण। 

 

अधोहस्ताक्षरी को केन्द्रीय सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियमावली, 2016 के नियम 10 की ओर ध्यान आकृष्ट करने का निदेश हुआ है जिसमें नियुक्ति, पदोन्‍नति अथवा वित्तीय उन्नयन प्रदान किए जाने की तारीख के आधार पर 1 जनवरी अथवा 1 जुलाई से वार्षिक वेतनवृद्धि के आहरण के लिए कर्मचारियों की पात्रता का प्रावधान है। इसके उप नियम (2) में प्रावधान है कि 2 जनवरी और 1 जुलाई (दोनों सम्मिलित) के बीच की अवधि में नियुक्त अथवा पदोन्‍नत अथवा संशोधित सुनिश्चित कैरियर प्रोन्‍नयन स्कीम (एमएसीपीएस) के तहत उन्‍नयन सहित वित्तीय उन्‍नयन प्राप्त कर्मचारी को वेतनवृद्धि 1 जनवरी को प्रदान की जाएगी तथा 2 जुलाई और 1 जनवरी (दोनों सम्मिलित) के बीच की अवधि में नियुक्त अथवा पदोन्‍नत अथवा एमएसीपीएस के तहत वित्तीय उन्नयन प्राप्त कर्मचारी को वेतनवृद्धि 1 जुलाई को प्रदान की जाएगी।

2. वित्त मंत्रालय में, 1 जुलाई, 2016 को पदोन्‍नत कर्मचारियों दवारा अगली वेतनवृद्धि के आहरण के संबंध में स्पष्टीकरण मांगते हुए अनेक प्रत्र प्राप्त हुए थे। इस मुद्दे पर विचार करने के पश्चात्‌, व्यय विभाग ने दिनांक 31.07.2018 के अपने समसंख्यक कार्यालय ज़ापन के तहत स्पष्ट किया है कि ऐसे कर्मचारी के मामले में जिसे 1 जनवरी अथवा 1 जुलाई को पदोन्‍नत किया जाता है अथवा एमएसीपी स्कीम के तहत उन्‍नयन सहित वित्तीय उन्‍नयन दिया जाता है, जहां केन्द्रीय सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियमावली, 2016 के नियम 13 के अनुसार उस पद, जिस पर पदोन्नति दी जाती है, के लिए लागू लेवल में प्रथम वेतनवृद्धि अगली 1 जुलाई अथवा 1 जनवरी, जो भी मामला हो, को देय होगी,  बशर्ते 6 माह की अर्हक सेवा अवधि पूरी कर ली गई हो। तत्पश्चात्‌, अगली वेतनवृद्धि एक वर्ष पूरा हो जाने के बाद ही देय होगी।

3. 31 जुलाई, 2018 का कार्यालय ज्ञापन जारी किए जाने के परिणामस्वरूप, विभिन्‍न मंत्रालयों/विभागों ने केन्द्रीय सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियमावली 2016 के नियम 10, मूल नियमों के नियम 22(1)(क)(1) के प्रावधानों और वेतन वृद्धि के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए, व्यय विभाग के दिनांक 31.07.2018 के कार्यालय ज्ञापन की प्रयोज्यता के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। वह मुद्दे जिन पर विभिन्‍न मंत्रालयों/विभागों ने स्पष्टीकरण मांगा है और उन पर लिए गए निर्णय आगामी पैराओं में दिए गए हैं।

मुद्दा सं. 1: 1 जुलाई को पदोन्‍नति और दो वेतनवृद्धियों के साथ वेतन के निर्धारण के पश्चात्‌ क्‍या अगली वेतनवृद्धि की तारीख 1 जनवरी होगी अथवा 1 जुलाई। 

4 छठे केन्द्रीय वेतन आयोग की अवधि के दौरान, जब वार्षिक वेतनवृद्धि प्रत्येक वर्ष की पहली जुलाई को एक समान स्वीकार्य थी, 1 जुलाई को संशोधित वेतन संरचना में 6 माह अथवा उससे अधिक की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी वेतनवृद्धि प्रदान किए जाने के पात्र होते थे। 7वें केन्द्रीय वेतन आयोग की अवधि में, वेतनवृद्धि की दो तारीखें हैं अर्थात्‌ 1 जनवरी और 1 जुलाई। छठे केन्द्रीय वेतन आयोग की भावना को देखते हुए 31 जुलाई, 2018 का कार्यालय  ज़ापन जारी किया गया था जिसमें 1 जनवरी/ 1 जुलाई को पदोन्नति प्राप्त करने वाले कर्मचारी जिन्होंने 6 माह की अर्हक सेवा पूरी कर ली हो, के संबंध में 1 जुलाई/1 जनवरी को अगली वेतनवृद्धि मिलने का प्रावधान था।

5.  1 जुलाई अथवा 1 जनवरी को होने वाली पदोन्नति /वित्तीय उन्‍नयन के मामलों के संबंध में 31 जुलाई, 2018 के कार्यालय ज़ापन में वर्णित निर्देश स्वत: स्पष्ट हैं। इन निर्देशों में यह प्रावधान है कि 1 जुलाई और 1 जनवरी को पदोन्‍नति/वित्तीय उन्‍नयन के मामले में और केन्द्रीय सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियमावली 2016 के नियम 13 के अनुसार, पद जिस पर पदोन्‍नति दी जाती है, के लिए लागू लेवल में वेतन निर्धारण के मामले में, उस लेवल जिसमें पदोन्‍नति दी गई है, में पहली वेतनवृद्धि अगली 1 जनवरी अथवा 1 जुलाई, जो भी मामला हो, को देय होगी बशर्ते छह माह की अर्हक सेवा अवधि पूरी की गई हो।

मुद्दा सं. 2: किसी कर्मचारी की वार्षिक वेतनवृद्धि की तारीख से भिन्‍न किसी अन्य तारीख को नियमित पदोन्‍नति/वित्तीय उन्‍नयन के मामले में अगली वेतनवृद्धि और वेतन-निर्धारण के विकल्प का प्रयोग, मूल नियम 22(I)(क)(1) के तहत किया जाता है।

6. कर्मचारियों के लिए मूल नियम 22(1)(क)(1) के तहत वेतन-निर्धारण के विकल्प के प्रयोग का अवसर पदोन्‍नति/वित्तीय उन्नयन के मामले में उपलब्ध है। अत: केन्द्र सरकार का कोई कर्मचारी जो निचले ग्रेड में उसकी वार्षिक वेतनवृद्धि की तारीख से भिन्‍न किसी अन्य तारीख को नियमित आधार पर पदोन्‍नत/वित्तीय उन्नयन प्राप्त करता है, और जो निचले ग्रेड में वेतनमान में अगली वेतनवृद्धि की देयता की तारीख से वेतन-निर्धारण के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के दिनांक 27.07.2017 के कार्यालय ज्ञापन संख्या 13/02/2017-स्था.(वेतन-)) के साथ पठित मूल नियम 22(I)(क)(1) के तहत विकल्‍प का चयन करता है, उसे व्यय विभाग के दिनांक 31.07.2018 के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार 1 जुलाई/ 1 जनवरी (निचले ग्रेड में वेतनवृद्धि की तारीख) को ऐसे निर्धारण के बाद 6 माह की अर्हक सेवा पूरी करने के पश्चात 1 जनवरी/1 जुलाई, जो भी मामला हो, को पदोन्‍नत ग्रेड में पहली वेतनवृद्धि दी जाए। तथापि, उसके बाद की अगली वेतनवृद्धि एक वर्ष पूरा होने के बाद ही दी जाएगी।

7 चूंकि यह एक महत्वपूर्ण परिवर्तन है, अतः यह भी अनुमोदित किया गया है कि ऐसे कर्मचारी, जिन्हें 01.01.2016 को या इसके बाद नियमित पदोन्नति दी गई है अथवा वित्तीय उन्‍नयन दिया गया है और जो मूल नियम 22(I)(क)(1) के तहत वेतन-निर्धारण का विकल्प चुनना/ पुनः चुनना चाहते हैं, उन्हें इसके तहत विकल्प चुनने या पुन: चुनने का अवसर दिया जाएगा। ऐसा विकल्प इस का.ज्ञा. के जारी होने के एक माह के अंदर चुनना होगा।

8. ये निर्देश 01.01.2016 से लागू होंगे।

9. जहां तक भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा विभाग में कार्यरत व्यक्तियों का संबंध है, ये आदेश भारत के नियंत्रक और महालेखापरीक्षक के साथ परामर्श के पश्चात्‌ जारी किए जाते हैं।

 

(बी.के. मंथन)
उप सचिव, भारत सरकार

सेवा में

1. सभी मंत्रालय/ विभाग (मानक सूची के अनुसार)।

2. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, संघ लोक सेवा आयोग आदि (मानक पृष्ठांकन सूची के अनुसार)।

3. एनआईसी, व्यय विभाग को इस कार्यालय ज्ञापन को विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने के अनुरोध के साथ।

 

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