Lowering of Interest on EPF Deposits to 8.1% for the year 2021-22 ईपीएफ जमाराशि पर ब्याज कम किया जाना

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Lowering of Interest on EPF Deposits to 8.1% for the year 2021-22 ईपीएफ जमाराशि पर ब्याज कम किया जाना

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Lowering of Interest on EPF Deposits to 8.1% for the year 2021-22. The reason therefor, being the lowest in four decades. ईपीएफ जमाराशि पर ब्याज कम कि

Prevention of illegal theft/misappropriation of Provident Fund dues by the contractors
Declaration of Rate of Interest for the Employees’ Provident Fund Members Account for the year 2021-22
Withdrawal from EPF for housing needs of the PF members: EPFO instructs to RO

Lowering of Interest on EPF Deposits to 8.1% for the year 2021-22. The reason therefor, being the lowest in four decades. ईपीएफ जमाराशि पर ब्याज कम किया जाना

GOVERNMENT OF INDIA
MINISTRY OF LABOUR AND EMPLOYMENT
RAJYA SABHA
UNSTARRED QUESTION NO. 564
TO BE ANSWERED ON 21.07.2022

LOWERING OF INTEREST ON EPF DEPOSITS

564. SHRI VAIKO:
SHRI M. SHANMUGAM:

Will the Minister of Labour and Employment be pleased to state:

(a)whether Government has approved 8.1% as rate of interest on EPF deposits for the year 2021-22;

(b)if so, the reason therefor, being the lowest in four decades;

(c)whether any protest has been made by the working class, since EPF is often the only mode to save funds for retirement;

(d) if so, the details thereof and whether Government will reconsider hiking the rate of interest on employees provident fund deposits; and

(e) if not, the reasons therefor?

ANSWER

MINISTER OF STATE FOR LABOUR AND EMPLOYMENT (SHRI RAMESWAR TELI)

(a) to (e): Yes, Sir. As per the provisions of Paragraph 60(1) of the Employees’ Provident Fund (EPF) Scheme, 1952, Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) shall credit to the account of each member interest at such rate as may be determined by the Central Government in consultation with the Central Board of Trustees (CBT), Employees’ Provident Fund (EPF). The rate of interest on EPF is dependent on the income received by the EPF from its investments and such incomes are distributed only in accordance with the EPF Scheme, 1952. The CBT, EPF had recommended 8.10 per cent rate of interest on EPF for the financial year 2021-22, which has been approved by the Government and is higher than other comparable schemes viz. General Provident Fund (7.10%)/Senior Citizens Savings Scheme (7.40%)/Sukanya Samriddhi Account Scheme (7.60%).

There is no proposal to reconsider the approved rate of interest (8.10%) on EPF deposits for the year 2021-2022.

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भारत सरकार
श्रम और रोजगार मंत्रालय
राज्य सभा

अतारांकित प्रश्न संखया 564
गुरूवार, 21 जुलाई, 2022 /30 आषाढ़, 1944 (शक)

ईपीएफ जमाराशि पर ब्याज कम किया जाना

564. श्री वाइको:
श्री एम. शनमुगम:
क्या श्रम और रोजगार मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि:

(क) क्या सरकार ने वर्ष 2021-22 के लिए ईपीएफ जमाराशि पर ब्याज की दर 8.1% अनुमोदित की है;

(ख) यदि हां, तो इसके चार दशकों में सबसे कम होने के क्या कारण हैं;

(ग) क्या नौंकरीपेशा वर्ग दवारा किसी प्रकार का कोई विरोध किया गया है, क्योंकि ईपीएफ अक्सर सेवानिवृत्ति के लिए निधि की बचत करने का एकमात्र साधन होता है;

(घ) यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और कया सरकार कमचारी भविष्य निधि जमा राशि पर ब्याज की दर को बढ़ाने पर पुन:विचार करेगी; और

(ड.). यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं?

उत्तर

श्रम और रोजगार राज्य मंत्री
(श्री रामेश्वर तेली)

(क) से (ड): जी, हाँ। कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) योजना, 1952, के अनुच्छेद 60(1) के उपबंधों के अनुसार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) केन्द्रीय सरकार दूवारा केंद्रीय न्‍्यासी बोर्ड (सीबीटी), कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के परामश्श से यथानिरधारित दर पर प्रत्येक सदस्य के खाते में ब्याज जमा करेगा। ईपीएफ पर ब्याज दर ईपीएफ द्वारा अपने निवेश से प्राप्त आय पर निभर है और ऐसी आय को केवल ईपीएफ योजना, 1952 के अनुसार वितरित किया जाता है। सीबीटी व ईपीएफ ने ईपीएफ पर वित्तीय वर्ष 2021-22 हैतु 8.10 प्रतिशत ब्याज दर की सिफारिश की थी, जिसे सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया है तथा जो अन्य तुलनीय योजनाओं जैसे सामान्य भविष्य निधि (7.10%) / वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (7.40%)/ सुकन्या समृद्धि खाता योजना (7.60%) से अधिक है।

वर्ष 2021-2022 के लिए ईपीएफ जमा के अनुमोदित ब्याज दर (8.10%) पर पुनर्विचार करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

Source: Rajya Sabha PDF

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