Non-compliance of Wage Laws मजदूरी नियमों का अनुपालन नहीं किया जाना

HomeWages

Non-compliance of Wage Laws मजदूरी नियमों का अनुपालन नहीं किया जाना

Har Ghar Tiranga

Har Ghar Tiranga Sale

Non-compliance of Wage Laws - Government is aware that certain companies in the country have not been complying with the national wage laws. मजदूरी नि

Advisory Guidelines for welfare of Migrant Workers – Labour & Employment Ministry
Revised VDA (Minimum Wages) from April 2020 i.r.o. Stone Mines Employees
Increase in Minimum Wages from 01.04.2021 to 01.10.2021 न्यूनतम वेतन में वृद्धि 

Non-compliance of Wage Laws – Government is aware that certain companies in the country have not been complying with the national wage laws. मजदूरी नियमों का अनुपालन नहीं किया जाना – सरकार इस बात से अवगत है कि देश में कुछ कंपनियां राष्ट्रीय मजदूरी नियमों का अनुपालन नहीं कर रही हैं

GOVERNMENT OF INDIA
MINISTRY OF LABOUR AND EMPLOYMENT
RAJYA SABHA
UNSTARRED QUESTION NO. 561
TO BE ANSWERED ON 21.07.2022

NON- COMPLIANCE OF WAGE LAWS

561. PROF. MANOJ KUMAR JHA:

Will the Minister of Labour and Employment be pleased to state:

(a)whether Government is aware that certain companies in the country have not been complying with the national wage laws;

(b)whether Government has maintained a database of such violations, if so, the details thereof; and

(c)whether any compensation has been provided to the aggrieved persons due to non- compliance of the law, if so, the details thereof?

ANSWER

MINISTER OF STATE FOR LABOUR AND EMPLOYMENT (SHRI RAMESWAR TELI)

(a) to (c): Under the provisions of the Minimum Wages Act, 1948, both the Central and the State Governments are appropriate Governments to enforce the provisions of the Payment of Wages Act, 1936, and the Minimum Wages Act, 1948, including the provisions relating to non- payment of wages/minimum wages, in their respective jurisdictions. In the Central sphere the enforcement is done through the Inspecting Officers of the Chief Labour Commissioner (Central) commonly designated as Central Industrial Relations Machinery (CIRM) and the compliance in the State Sphere is ensured through the State Enforcement Machinery. The designated inspecting officers conduct regular inspections and in the event of detection of any case of non- payment or underpayment of wages/minimum wages, they direct the employers to make payment of the shortfall of wages. In case of non- compliance, penal provisions prescribed under sections 17A and 20 of the Payment of Wages Act, 1936 and section 22 of the Minimum Wages Act are taken recourse to. The details in regard to enforcement of the minimum wages in the Scheduled employments in the Central Sphere are annexed. Details of enforcement of the provisions of the minimum wages in the State sphere are not centrally maintained.

****

भारत सरकार
श्रम और रोजगार मंत्रालय
राज्य सभा

अतारांकित प्रश्न संख्या 561

गुरूवार, 21 जुलाई, 2022 / 30 आषाढ़, 1944 (शक)

मजदूरी नियमों का अनुपालन नहीं किया जाना

561. प्रो. मनोज कुमार झा:
क्या श्रम और रोजगार मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि:

(क) क्या सरकार इस बात से अवगत है कि देश में कुछ कंपनियां राष्ट्रीय मजदूरी नियमों का अनुपालन नहीं कर रही हैं;

(ख) क्या सरकार ने इस प्रकार के उल्लंघन का डाटाबेस रखा है, यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्‍या है;

और

(ग) क्या नियम का अनुपालन नहीं किए जाने के कारण व्यथित लोगों को कोई क्षतिपूर्ति प्रदान की गई है, तत्संबंधी ब्यौरा कया है?

उत्तर

श्रम और रोजगार राज्य मंत्री
(श्री रामेश्वर तेली)

(क) से (ग): न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 के उपबंधों के तहत, केंद्र और राज्य दोनों सरकारें अपने संबंधित क्षेत्राधिकार में मजदूरी का भुगतान न किए जाने / कम मजदूरी का भुगतान किए जाने संबंधी उपबंधों सहित मजदूरी संदाय अधिनियम, 1936 और न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 के उपबंधों को लागू करने के लिए उपयुक्त सरकारें हैं। केंद्रीय क्षेत्र में इनका प्रवर्तन मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के निरीक्षण अधिकारियों के माध्यम से किया जाता है, जिन्हें आमतौर पर केंद्रीय औद्योगिक संबंध तंत्र (सीआइआरएम) के रूप में नामोद्ििष्ट किया जाता है और राज्य क्षेत्र में इनका अनुपालन राज्य प्रवर्तन तंत्र के माध्यम से सुनिश्चित किया जाता है। नामोद्िष्ट निरीक्षण अधिकारी नियमित निरीक्षण करते हैं और भुगतान न करने या मजदूरी / न्यूनतम मजदूरी के कम भुगतान का पता चलने की स्थिति में, वे नियोक्ताओं को मजदूरी की कमी का भुगतान करने का निर्देश देते हैं। अनुपालन न किए जाने के मामले में, मजदूरी संदाय अधिनियम, 1936 की धारा 17क और 20 के तहत तथा न्यूनतम मजदूरी अधिनियम की धारा 22 के तहत निर्धारित दंडिक उपबंधों का सहारा लिया जाता है। केंद्रीय क्षेत्र में अनुसूचित रोजगारों में न्यूनतम मजदूरी को लागू करने के संबंध में ब्यौरा संलग्न है। राज्य क्षेत्र में न्यूनतम मजदूरी के उपबंधों को लागू करने का ब्यौरा केंद्रीय रूप से नहीं रखा जाता है।

Annexure

Details of Inspections, Prosecutions and Convictions done under the Minimum Wages Act, 1948

Particulars

No. of Inspections Conducted No. of Irregularities detected No. Irregularities Rectified No. of Prosecutions Launched

No. of Convictions

1

2 3 4 5 6
2019-20 7690 59950 23397 1609

412

2020-21

2114 13949 7566 501 174
2021-22 5022 35983 8726 492

167

Claim cases under Minimum Wages Act, 1948

Year

CLAIMS FILED UNDER MINIMUM WAGES ACT, 1948
FILED DECIDED AWARDED

No. of WORKERS BENEFITED

1

2 3 4 5
2019-20 3470 754 Rs. 217981002/-

5297

2020-21

3763 1334 Rs. 270202177/- 7631
2021-22 5297 2102 Rs. 177722490/-

7487

Details of Inspections, Prosecutions and Convictions done under the Payment of Wages Act, 1936

Particulars

No. of Inspections Conducted No. of Irregularities detected No.

Irregularities Rectified

No. of Prosecutions Launched No. of Convictions
1 2 3 4 5

6

2019-20

2629 16004 9622 317 57
2020-21 928 5003 4209 145

34

2021-22 2140 12325 3857 423

39

Claim cases under Payment of Wages Act, 1936

Year

CLAIMS FILED UNDER Payment of WAGES ACT, 1936
FILED DECIDED AWARDED No. of WORKERS BENEFITED

1

2 3 4

5

2019-20

319 187 Rs. 12192780/- 278
2020-21 336 204 Rs. 166136127/-

2778

2021-22 811 400 Rs. 298027109/-

5277

****

Source: Rajya Sabha PDF

COMMENTS

WORDPRESS: 0