Transfer policy in Public Sector Banks (PSBs) सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में स्थानांतरण नीति


Transfer policy in Public Sector Banks (PSBs) सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में स्थानांतरण नीति


TO BE ANSWERED ON 19 July, 2022 (TUESDAY)/ ASHADHA 28, 1944 (SAKA)

Transfer policy in PSBs


Will the Minister of FINANCE be pleased to state:

(a) whether Government has any specific transfer policy regarding employees of Public Sector Banks (PSBs) and public sector general insurance companies, if so, the details regarding the transfer policy;

(b) whether Government has any policies with regard to transfer of spouses of Central Government employees/others working in PSBs/insurance companies, if so, the details thereof; and

(c) whether Government has any data regarding the transfer and mobility policy of female employees working in PSBs and public sector insurance companies, if so, the details thereof?



(a) to (c): Transfer of employees in Public Sector Banks (PSBs) and Public Sector Insurance Companies (PSICs) is governed by their respective Board approved ‘Transfer Policy’. The salient features of the transfer policies of PSBs and PSICs is annexed.

Government, vide letter dated 8.8.14 in respect of PSBs and dated 23.9.2014 in respect of PSICs, has issued advisory to accommodate as far as possible, transfer/posting of female employees, on their request, at a place where their husband/parents are stationed or as near as possible.

During the FY 2021-22, 48,060 female employees have been transferred in PSBs and PSICs.


Salient Features of Transfer Policy in Public Sector Banks (PSBs) and Public Sector Insurance Companies (PSICs)

  • Transfers are carried out on administrative grounds, in different geographical regions of the country to equip Officers with various kinds of exposure at different categories of branches (small, medium, large, very large, etc.) and location (rural, semi-urban, urban, metro) and controlling officers.
  • Transfers are mainly considered on the basis of seniority amongst the applicants and seniority for the purpose is reckoned from the date of joining.
  • Upon promotion, Officers are normally moved out from their previous office.
  • Other than transfers on promotion, there are provisions for request transfer, repatriation to parent zone, acquiring rural/semi-urban exposure, Compassionate ground, periodic job rotation, etc.
  • Officers who have completed requisite number of years of service, as defined in respective transfer policies, in the same zone, are moved out from their zone.
  • Lady officers, as far as possible, are transferred/posted to a place where their husband/parents are stationed.
  • The CVC guidelines with respect to rotational transfer of Officers working in sensitive posts from one branch/office to another, are followed.
  • Age of Officers is generally a factor while implementing the transfer of services. Subject to availability of vacancies, the posting of Officers retiring within the next two (02) years are considered for posting in their area of domicile, as far as possible.
  • Officers who are differently-abled are usually exempted from transfer. There are separate provisions for their transfer/posting.
  • Officers posted to branches / offices in Difficult/Hilly/North-Eastern region are usually
    eligible for choice transfer after completing a defined period of active service.
  • Special consideration is given while effecting transfers/placement of the following:-

a. Sports Person.
b. Women Employees (Spouse/Parents Location).
c. Transfer on compassionate grounds/critical illness.
d. Couple cases (in same/other organizations).
e. Transfer of physically handicapped employees.
f. Transfer for officers who have differently abled children.
g. Ex-servicemen.

Source: Public Sector Banks and Public Sector Insurance Companies


भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
वित्तीय सेवाएं विभाग
राज्य सभा
अतारांकित प्रश्न संख्या 241
जिसका उत्तर 19 जुलाई, 2022/28 आषाढ़, 1944 (शक) को दिया गया

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में स्थानांतरण नीति

241. श्रीमती प्रियंका चतुवेदी:

क्या वित्तमंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि:

(क) कया सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) और सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों के कर्मचारियों के संबंध में कोई विशिष्ट स्थानांतरण नीति है, यदि हाँ, तो इस स्थानांतरण नीति के संबंध में ब्यौरा क्या है;

(ख) क्या सरकार की केन्द्र सरकार के कर्मचारियों/पीएसबी में कार्यरत अन्य कर्मचारियों/बीमा कंपनियों के कर्मचारियों के पति/पत्नी के स्थानांतरण के संबंध में कोई नीतियाँ हैं, यदि हाँ, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है; और

(ग) क्‍या सरकार के पास सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों में कार्यरत महिला कर्मचारियों के स्थानांतरण और गतिशीलता नीति के संबंध में कोई आंकड़ा है, यदि हाँ, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है?


वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री (डॉ. भागवत कराड)

(क) से (घ): सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) और सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों (पीएसआईसी) में कर्मचारियों का स्थानांतरण उनके संबंधित बोर्ड द्वारा अनुमोदित ‘स्थानांतरण नीति’ द्वारा अभिशासित होता है। पीएसबी और पीएसआईसी की स्थानांतरण नीतियों की मुख्य विशेषताओं को अनुबंध में दर्शाया गया है।

सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के संबंध में दिनांक 8-8-14 और पीएसआईसी के संबंध में दिनांक 23-9-2014 के पत्र के माध्यम से, जहां तक संभव हो, महिला कर्मचारियों के स्थानांतरण/नियुक्ति को उनके अनुरोध पर, एक ऐसे स्थान पर समायोजित करने के लिए परामर्श जारी किया है जहां उनके पति/माता-पिता रहते हों या यथासंभव उनके निवास स्थान से निकट हो।

वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों (पीएसआईसी) में 48,060 महिला कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है।

Transfer Policy in Banks queried in Lok Sabha


सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) और सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों (पीएसआईसी) में स्थानांतरण नीति की मुख्य विशेषताएं

  • विभिन श्रेणियों की शाखाओं (छोटे, मध्यम, बड़े, बहुत बड़े, आदि) और स्थान (ग्रामीण, अर्ध-शहरी, शहरी, मेट्रो) और नियंत्रक कार्यालयों में अधिकारियों को विभिन्‍न प्रकार की जानकारी देने के लिए देश के विभिन्‍न भौगोलिक क्षेत्रों में प्रशासनिक आधार पर स्थानान्तरण किए जाते हैं।
  • स्थानान्तरण पर मुख्य रूप से आवेदकों के बीच वरिष्ठता के आधार पर विचार किया जाता है और इस प्रयोजन के लिए वरिष्ठता की गणना कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से की जाती है।
  • पदोन्नति पर, अधिकारियों को आमतौर पर उनके पिछले कार्यालय से हटा दिया जाता है।
  • पदोन्नति पर स्थानान्तरण के अलावा, अनुरोध पर स्थानांतरण, मूल क्षेत्र में प्रत्यावर्तन, ग्रामीण / अर्ध-शहरी अनुभव प्राप्त करने, अनुकंपा के आधार पर, आवधिक कार्य रोटेशन आदि की व्यवस्था है।
  • जिन अधिकारियों ने एक ही क्षेत्र में संबंधित स्थानांतरण नीतियों में निर्धारित सेवा के अपेक्षित वर्षों को पूरा कर लिया है, उन्हें उनके क्षेत्र से बाहर भेजा जाता है।
  • महिला अधिकारियों को जहां तक संभव हो, उनके पति/माता-पिता के निवास स्थान पर स्थानान्तरित/नियुक्त किया जाता है।
  • संवेदनशील पदों पर कार्यरत अधिकारियों के एक शाखा/कार्यालय से दूसरी शाखा में बारी-बारी से स्थानांतरण के संबंध में सीवीसी दिशानिर्देशों का पालन किया जाता है।
  • सेवाओं के स्थानांतरण को लागू करते समय अधिकारियों की आयु आमतौर पर एक कारक है। रिक्तियों की उपलब्धता के अध्यधीन, अगले दो (02) वर्षों के भीतर सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों को यथासंभव उनके अधिवास के क्षेत्र में पदस्थापन पर विचार किया जाता है।
  • दिव्यांग अधिकारियों को आमतौर पर स्थानांतरण से छूट दी जाती है। उनके स्थानांतरण/ नियुक्ति के लिए अलग से प्रावधान हैं।
  • कठिन/पहाड़ी/उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की शाखाओं/कार्यालयों में तैनात अधिकारी आमतौर पर सक्रिय सेवा की एक निर्धारित अवधि पूरी करने के बाद ऐच्छिक स्थानांतरण के पात्र होते हैं।
  • स्थानान्तरण/नियुक्ति करते समय निम्नलिखित का विशेष ध्यान दिया जाता है:-

क. खिलाड़ी।
ख. महिला कर्मचारी (पति/ /माता-पिता के निवास स्थान पर)।
ग. अनुकंपा के आधार पर/गंभीर बीमारी के आधार पर स्थानांतरण।
घ. दम्पत्ति मामले (उसी/अन्य संगठनों में)।
ड़. शारीरिक रूप से विकलांग कर्मचारियों का स्थानांतरण।
च. दिव्यांग बच्चों वाले अधिकारियों के लिए स्थानांतरण।
छ. भूतपूर्व सैनिक।

स्रोत: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियां

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