Increase in EPF Pension and Reforming Pension Calculation Formula कर्मचारी भविष्य निधि पेंशन में वृद्धि और पेंशन गणना सूत्र की सुधार

HomePensionWages

Increase in EPF Pension and Reforming Pension Calculation Formula कर्मचारी भविष्य निधि पेंशन में वृद्धि और पेंशन गणना सूत्र की सुधार

Increase in EPF Pension and Reforming Pension Calculation Formula कर्मचारी भविष्य निधि पेंशन में वृद्धि और पेंशन गणना सूत्र की सुधार

GOVERNMENT OF INDIA
MINISTRY OF LABOUR AND EMPLOYMENT
LOK SABHA
UNSTARRED QUESTION NO. 355
TO BE ANSWERED ON 05.02.2024

INCREASE IN EPF PENSION

355. SHRI A. GANESHAMURTHI:
Will the Minister of LABOUR AND EMPLOYMENT be pleased to state:

(a)whether Government has received demands from stakeholders like trade unions, public representatives for increase in the minimum amount of EPF pension;

(b)if so, the details thereof and the action taken/ proposed to be taken by the Government in this regard;

(c)whether the Government proposes to will revise pension calculation formula since the present one is arbitrary and biased against pensioners under EPF 95 scheme; and

(d)if so, the details thereof?

ANSWER

MINISTER OF STATE FOR LABOUR AND EMPLOYMENT (SHRI RAMESWAR TELI)

(a) to (d): Representations have been received from various stakeholders including trade unions and public representatives to increase the minimum pension under the Employees’ Pension Scheme (EPS), 1995 from existing Rs. 1000/- per month.

The EPS, 1995 is a “Defined Contribution-Defined Benefit” Social Security Scheme. The corpus of the Employees’ Pension Fund is made up of (i) contribution by the employer @ 8.33 per cent of wages; and (ii) contribution from Central Government through budgetary support @ 1.16 per cent of wages up to an amount of Rs.15,000/- per month. All benefits under the scheme are paid out of such accumulations. The fund is valued annually as mandated under paragraph 32 of the EPS, 1995 and as per the valuation of the fund as on 31.03.2019, there is an actuarial deficit.

Amount of member’s pension under the Scheme is determined taking into account the pensionable period of service and pensionable salary as per following formula:

Pensionable Service X Pensionable Salary
70

However, the Government, for the first time, in the year 2014, provided a minimum pension of Rs. 1000 per month to the pensioners under the EPS, 1995 by providing budgetary support, which was in addition to the budgetary support of 1.16 per cent of wages provided annually towards EPS to Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO).

*****

increase-in-epf-pension-and-reforming-pension-calculation-formula

भारत सरकार
श्रम और रोजगार मंत्रालय
लोक सभा
अतारांकित प्रश्न संख्या 355
सोमवार, 05 फरवरी, 2024/16 माघ, 1945 (शक)

ईपीएफ पेंशन में वृद्धि

355. श्री ए.गणेशमूर्ति:
क्या श्रम और रोजगार मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि :

(क) क्या सरकार को ईपीएफ पेंशन की न्यूनतम राशि में वृद्धि के लिए श्रमिक संगठनों, जन प्रतिनिधियों जैसे हितधारकों से मांग प्राप्त हुई है;

(ख) यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और इस संबंध में सरकार द्वारा क्या कारवाई की गई है/ किए जाने का विचार है;

(ग) क्या सरकार पेंशन गणना सूत्र को संशोधित करेगी क्‍योंकि वर्तमान सूत्र ईपीएफ-95 योजना के तहत पेंशनभोगियों के खिलाफ मनमाना और पक्षपातपूर्ण है; और

(घ) यदि हां तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है?

उत्तर

श्रम ओर रोजगार राज्य मंत्री
(श्री रामेश्वर तेली)

(क) से (घ): कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस), 1995 के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन को मौजूदा 1000 रुपये प्रति माह से बढ़ाने के लिए श्रमिक संघों और जन प्रतिनिधियों सहित विभिन्‍न हितधारकों से अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं।

कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस), 1995, एक ‘परिभाषित अंशदान-परिभाषित लाभ’ सामाजिक सुरक्षा योजना है। कर्मचारी पेंशन निधि का कोष () नियोक्ता द्वारा वेतन के 8.33 प्रतिशत की दर से अंशदान; और (1) 15,000/- रुपये प्रति माह तक के वेतन के 1.16 प्रतिशत की दर से केंद्र सरकार बजटीय सहायता के माध्यम से केन्द्र सरकार द्वारा अंशदान से बना है। योजना के तहत सभी लाभों का भुगतान इस प्रकार की संचित राशि से किया जाता है। ईपीएस, 1995 के पैरा 32 के तहत यथा अधिदेशित निधि का मूल्यांकन वार्षिक आधार पर किया जाता है और दिनांक 31.03.2019 के निधि के मूल्यांकन की स्थिति के अनुसार, बीमांकिक घाटा हुआ है।

योजना के तहत सदस्य की पेंशन की राशि का निर्धारण सेवा की पेंशन योग्य अवधि और पेंशन योग्य वेतन को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित सूत्र के अनुसार किया जाता है:

पेंशन योग्य सेवा x पेंशन योग्य वेतन
70

तथापि, सरकार ने पहली बार, वर्ष 2014 में बजटीय सहायता प्रदान करके ईपीएस, 1995 के तहत पेंशनभोगियों को प्रति माह 1000 रुपये की न्यूनतम पेंशन प्रदान की, जो कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) को ईपीएस के लिए वाषिक रूप से प्रदान की जाने वाली वेतन के 1.15% की बजटीय सहायता के अतिरिक्त थी।

****

View/Download the PDF

COMMENTS

WORDPRESS: 1
  • Purna Chandra Singh Deo 3 weeks ago

    I am a ex-retired service person,after completed 42.2 months yrs of service from Tata Steel Ltd on 1st May 2018. My basic + DA is Rs.89,058/-. At present I am only getting very less pension Rs.2457/every end of the month.Can I expect my monthly pension will increase ? If so,how much my pension will expect to increase in coming days.