डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र देने के लिये पेंशनर्स को संबंधित कार्यालय में उपस्थित होना आवश्यक नहीं: सचिव, भारत सरकार
डा० क्षत्रपति शिवाजी, आई.ए.एस.
सचिव
भारत सरकार,
कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय,
पेंशन एवं पेशनभोगी कल्याण विभाग,
लोकनायक भवन, खान माकिट,
नई दिल्ली-110003
अ.शा. सं.-12/(3)/2020-पी एंड पी डब्ल्यू (समन्वय)
16 जनवरी, 2020
प्रिय,
केन्द्र सरकार पेंशनर्स को डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अपनाने हेतु प्रोत्साहित करने के लिये इस विभाग ने 2019 में चुनी हुई पेंशनर्स एसोशिएन को नियुक्त किया था। पेंशनर्स एसोशिएन नोएडा द्वारा यह संज्ञान में लाया गया कि उत्तर प्रदेश कोषागार कार्यालय द्वारा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट स्वीकार नहीं जा रहा है। इस संदर्भ में कोषागार कार्यालय में वार्ता करने पर यह ज्ञात हुआ कि पत्रांक सं-19/2216/ए-1-907/दस-2016-10(65)/2014 दिनांक 14/12/2016 को प्रमुख सचिव कार्यालय से यह आदेश जारी किया गया है कि डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र देने के लिये पेंशनर्स को प्रथम बार संबंधित कोषागार कार्यालय में पी.पी.ओ., आधार कार्ड, बैंक पासबुक के पास स्वयं उपस्थित होना होगा।
इस सन्दर्भ में मैं आपका ध्यान आकर्षित कराना चाहता हूँ कि माननीय प्रधान मंत्री द्वारा 16 नवंबर 2015 में जीवन प्रमाण-पत्र सुविधा लॉन्च की गई थी, जो कि बायोमेट्रिक्स ऑथोन्टिकेशन पर आधारित है। वित्त मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी आदेश दिनांक 10/11/2014 के अनुसार पेंशनर्स ऑनलाइन जीवन प्रमाण-पत्र जमा कर सकता है और उसे इसके लिए बैंक अथवा कोषागार में जाने की आवश्यकता नहीं है (प्रतिलिपि संलग्न)। पेंशन प्रदान करने वाली एजेंसी (पी.डी.ए.) उसे स्वयं उपस्थित होने के लिए बाध्य नहीं करेंगी। अत: आपसे निवेदन है कि डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने के लिए पेंशनर्स को प्रथम बार कोषागार में उपस्थित होने को अनिवार्य न किया जाए और ऑनलाइन जीवन प्रमाण सभी कोषागारों में सुचारू रूप से लागू किया जाए, इस पर सकारात्मक निर्नय लिया जाय ।
आपका
(क्षत्रपति शिवाजी)
श्री राजेंद्र कुमार तिवारी
मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार
101, लोक भवन, उत्तर प्रदेश सिविल सचिवालय
विधानसभा मार्ग,
लखनऊ-226001


