पारिवारिक पेंशन के बकाया भुगतान के लिए BPS का फिर आग्रह, पेंशन का इंतजार करते हुए हुआ था श्रीमती छाया पॉल का निधन
भारत पेंशनर्स समाज (BPS) ने स्वर्गीय श्रीमती छाया पॉल, पत्नी स्वर्गीय श्री जीवन चंद्र पॉल, के लंबित पारिवारिक पेंशन प्रकरण में संबंधित अधिकारियों से एक बार फिर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन के अनुसार, लगभग डेढ़ वर्ष तक लगातार पत्राचार और प्रयासों के बावजूद श्रीमती छाया पॉल को उनके जीवनकाल में पारिवारिक पेंशन का भुगतान नहीं हो सका।
StaffNews को भेजे गए अपने अनुरोध में BPS ने इस मामले को मानवीय आधार पर प्रमुखता से उठाने का आग्रह किया है। संगठन ने मांग की है कि श्रीमती छाया पॉल की मृत्यु की तारीख तक देय समस्त पारिवारिक पेंशन बकाया का निर्धारण कर, स्वीकार्य ब्याज सहित, उनके वैध दावेदार अथवा कानूनी उत्तराधिकारी को शीघ्र भुगतान किया जाए।
एक वर्ष से अधिक समय तक लंबित रहा पारिवारिक पेंशन का मामला
भारत पेंशनर्स समाज ने इस मामले को औपचारिक रूप से 17 जून 2026 को पंजाब नेशनल बैंक के Centralised Pension Processing Centre (CPPC), कोलकाता के समक्ष उठाया था।
BPS के पत्र के अनुसार, मूल पेंशनभोगी का निधन 10 जनवरी 2025 को हुआ था। इसके बाद आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए और आधार, पैन तथा जन्मतिथि आदि से संबंधित विसंगतियों को भी ठीक कराया गया, लेकिन एक वर्ष पांच महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पारिवारिक पेंशन प्रारंभ नहीं हो सकी। संगठन ने कहा कि बैंक शाखा और CPPC स्तर पर प्रक्रियात्मक एवं दस्तावेज संबंधी समस्याओं के कारण मामला और अधिक लंबित होता गया।
BPS ने DoP&PW के निर्देशों का दिया हवाला
अपने 17 जून के पत्र में BPS ने पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoP&PW) के 16 जून 2021 के निर्देशों का भी उल्लेख किया था।
BPS के अनुसार, पारिवारिक पेंशन प्रारंभ करने के लिए पात्र पारिवारिक पेंशनभोगी से सामान्य रूप से निम्न दस्तावेज मांगे जाने हैं—गवाहों द्वारा सत्यापित Form 14, पेंशनभोगी का मृत्यु प्रमाणपत्र, PPO की प्रति तथा दावेदार की आयु/जन्मतिथि का प्रमाण।
संगठन ने यह भी कहा कि पारिवारिक पेंशन शुरू करने के लिए बैंक खाते के विवरण को शामिल करने हेतु PPO के संशोधन या Corrigendum PPO जारी किए जाने की अनिवार्य आवश्यकता नहीं है।
इसी आधार पर BPS ने संबंधित अधिकारियों से मामले की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा करते हुए बिना अनावश्यक प्रक्रियात्मक देरी के पारिवारिक पेंशन शुरू करने की मांग की थी।
21 जुलाई को हुआ श्रीमती छाया पॉल का निधन
मामले ने जुलाई में दुखद मोड़ ले लिया।
BPS ने 22 जुलाई 2026 को पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग तथा PNB के CPPC को भेजे पत्र में सूचित किया कि श्रीमती छाया पॉल का 21 जुलाई 2026 को निधन हो गया। इससे एक दिन पहले, 20 जुलाई को वह सड़क दुर्घटना का शिकार हुई थीं।
पत्र में Dankuni Retired Central Government Employees’ & Families Welfare Organisation के महासचिव से प्राप्त सूचना का उल्लेख करते हुए कहा गया कि लगभग डेढ़ वर्ष तक बैंक अधिकारियों के साथ लगातार प्रयास किए जाने के बावजूद श्रीमती छाया पॉल का निधन “एक पैसा भी पारिवारिक पेंशन प्राप्त किए बिना” हो गया।
BPS ने इस स्थिति को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि उसने स्वयं 17 जून 2026 को अधिकारियों से तत्काल पारिवारिक पेंशन शुरू करने का अनुरोध किया था, लेकिन संगठन के अनुसार उनके जीवनकाल में मामला प्रभावी रूप से निपटाया नहीं जा सका।
अब बकाया, ब्याज और जिम्मेदारी तय करने की मांग
श्रीमती छाया पॉल के निधन के बाद BPS ने संबंधित अधिकारियों से उनके जीवनकाल के दौरान देय पारिवारिक पेंशन के समस्त बकाये का निर्धारण करने की मांग की है।
संगठन ने मुख्य रूप से निम्न कार्रवाई की मांग की है:
- देय तिथि से श्रीमती छाया पॉल की मृत्यु की तिथि तक स्वीकार्य समस्त पारिवारिक पेंशन एवं बकाये का तत्काल निर्धारण किया जाए।
- पूरी बकाया राशि को अत्यधिक विलंब के लिए स्वीकार्य ब्याज सहित वैध दावेदार/कानूनी उत्तराधिकारी को जारी किया जाए।
- शाखा, CPPC तथा अन्य संबंधित स्तरों पर हुई असामान्य देरी की उचित जांच की जाए और जिम्मेदारी तय की जाए।
- BPS तथा आवेदक संगठन को निर्धारित समय के भीतर विस्तृत Action Taken Report उपलब्ध कराई जाए।
BPS ने यह भी कहा है कि श्रीमती छाया पॉल के निधन से उनके जीवनकाल के दौरान अर्जित पारिवारिक पेंशन बकाये के निपटारे की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती। संगठन ने अधिकारियों से आग्रह किया है कि अब उनके वैध दावेदारों अथवा कानूनी उत्तराधिकारियों को एक और लंबे संघर्ष से न गुजरना पड़े।
13 अगस्त को भी भेजा गया था रिमाइंडर
मामले में कार्रवाई के लिए BPS ने 13 अगस्त 2026 को भी संबंधित अधिकारियों को रिमाइंडर भेजा था। इसमें संगठन ने एक बार फिर मामले में तत्काल और संवेदनशील हस्तक्षेप की मांग करते हुए पारिवारिक पेंशन का पूरा स्वीकार्य बकाया वैध दावेदार या कानूनी उत्तराधिकारी को जारी करने का आग्रह किया।
BPS ने यह भी कहा कि श्रीमती छाया पॉल को अपने जीवनकाल में जिस लंबे आर्थिक और मानसिक कष्ट का सामना करना पड़ा, उसे देखते हुए मामले का निपटारा सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाना चाहिए।
15 सितंबर को Staff News से भी मामला उठाने का अनुरोध
BPS ने 15 सितंबर 2026 को Staff News को भेजे अपने संदेश में इस मामले को समाचार के रूप में उठाने का अनुरोध किया।
संगठन ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को पुनः स्मरण-पत्र भेजकर मामले में तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया गया है। BPS ने मानवीय आधार पर अपेक्षा जताई है कि संबंधित अधिकारी इस अत्यंत दुखद प्रकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता और सहानुभूतिपूर्वक शीघ्र निपटाएंगे।
पारिवारिक पेंशन सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम
BPS ने अपनी प्रस्तुतियों में इस बात पर भी जोर दिया है कि पारिवारिक पेंशन मृत पेंशनभोगी के आश्रित जीवनसाथी के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था है। संगठन के अनुसार, लंबे समय तक प्रक्रियात्मक देरी और अनावश्यक औपचारिकताओं पर जोर देने से इस कल्याणकारी प्रावधान का मूल उद्देश्य ही प्रभावित होता है।
अब यह मामला पारिवारिक पेंशन शुरू किए जाने से आगे बढ़कर श्रीमती छाया पॉल के जीवनकाल के दौरान देय पारिवारिक पेंशन बकाये के निर्धारण और उसका वैध दावेदार/कानूनी उत्तराधिकारी को भुगतान किए जाने से जुड़ गया है।
यह समाचार भारत पेंशनर्स समाज द्वारा उपलब्ध कराए गए पत्राचार और दस्तावेजों पर आधारित है। मूल दस्तावेजों में उपलब्ध संवेदनशील PPO तथा बैंक खाता संख्या को समाचार में जानबूझकर प्रकाशित नहीं किया गया है।



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