Changes in gratuity rules of central employees: केंद्रीय कर्मचारियों के ग्रेच्युटी नियमों में बदलाव, मिलेगा ज्यादा फायदा

HomeNews

Changes in gratuity rules of central employees: केंद्रीय कर्मचारियों के ग्रेच्युटी नियमों में बदलाव, मिलेगा ज्यादा फायदा

Changes in gratuity rules of central employees, will get more benefit केंद्रीय कर्मचारियों के ग्रेच्युटी नियमों में बदलाव, मिलेगा ज्यादा फायदा केंद

Withholding of 10% gratuity from the retiring Government servants — clarification regarding: DoPPW Order
“Provisional Pension” and “Provisional Gratuity” till the regular PPO issued during COVID Pandemic
Revision of 7th CPC Pensionerary Benfits for All India Services Officer: DoPT Order

Changes in gratuity rules of central employees, will get more benefit केंद्रीय कर्मचारियों के ग्रेच्युटी नियमों में बदलाव, मिलेगा ज्यादा फायदा

changes-in-gratuity-rules-of-central-employees-will-get-more-benefit

केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाले केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक खुशखबरी है. वह यह कि सरकार की ओर से केंद्रीय कर्मचारियों की ग्रेच्युटी भुगतान के निम्नतम पात्रता शर्तों में जल्द ही ढील दी जा सकती है. अगर सरकार की यह योजना सिरे चढ़ जाती है, तो सरकारी कर्मचारियों को ग्रेच्युटी के लिए अब पांच साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि उन्हें एक से तीन साल के अंदर ही इसका लाभ मिल सकता है.

मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, श्रम पर गठित संसदीय समिति ने ग्रेच्युटी भुगतान को लेकर तैयार रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया है कि ग्रेच्युटी भुगतान की पात्रता की समय सीमा को पांच साल से घटाकर एक साल किया जाना चाहिए.

बता दें कि किसी कर्मचारी को किया जाने वाला ग्रेच्युटी भुगतान कंपनी में कर्मचारी के काम करने के साल के आधार पर प्रति साल 15 दिन की सैलरी के आधार पर किया जाता है. यह भुगतान कर्मचारी के किसी कंपनी में लगातार 5 साल पूरे होने के बाद ही मिलता है.

अंग्रेजी के एक अखबार ने सूत्रों के हवाले से प्रकाशित खबर में लिखा है कि ग्रेच्युटी भुगतान के पात्रता की समय-सीमा को घटाने की लगतार मांग को देखते हुए इस बात पर विचार किया जा रहा है कि इसकी पांच साल की समय सीमा को घटाने पर विचार किया जा सकता है.

View: Doubts over Announcement of 3 Percent DA hike from July 2020: Clarification by GServants

कर्मचारी संघों और यूनियनों का दावा है कि कुछ कंपनियां खर्च घटाने के लिए अपने कर्मचारियों को ग्रेच्युटी भुगतान की पात्रता प्राप्त करने के पहले काम से निकाल रही हैं.

उधर दूसरी ओर, विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रेच्युटी के लिए किसी कंपनी में लगातार पांच साल काम करने की सीमा अब पुरानी हो गयी है. नौकरियों के बदलते स्वरूप की वजह से इसमें बदलाव करने की जरूरत है. किसी कंपनी में लगातार पांच साल तक काम करने की सीमा दशकों पहले लंबी अवधि की कार्यप्रणाली विकसित करने के लिए निर्धारित की गयी थी. अब परिस्थितियां और काम का माहौल बदल गए हैं. ग्रेच्युटी के लिए किसी कंपनी में लगातार 1 साल काम करने की सीमा सही नहीं होगी, इसके लिए 2-3 साल की सीमा तय करना सही विकल्प होगा.

COMMENTS

WORDPRESS: 0