8.10% rate of interest to EPF subscribers for the year 2021-22 केंद्रीय बोर्ड ने वर्ष 2021-22 के लिए अपने ग्राहकों को 8.10 प्रतिशत ब्याज दर की सिफारिश की

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8.10% rate of interest to EPF subscribers for the year 2021-22 केंद्रीय बोर्ड ने वर्ष 2021-22 के लिए अपने ग्राहकों को 8.10 प्रतिशत ब्याज दर की सिफारिश की

8.10% rate of interest to EPF subscribers for the year 2021-22 केंद्रीय बोर्ड ने वर्ष 2021-22 के लिए अपने ग्राहकों को 8.10 प्रतिशत ब्याज दर की सिफारिश

Corrigendum – Hiring of Data Entry Operators/Executive Assistants/Digital Office Assistants on contact basis – Railway Board order
Minimum rates of wages and variable dearness allowance w.e.f. 01.10.2017: Railway Board Order RBE No. 178/2017
Revised VDA (Minimum Wages) from April 2020 i.r.o. Loading and Unloading Employees

8.10% rate of interest to EPF subscribers for the year 2021-22 केंद्रीय बोर्ड ने वर्ष 2021-22 के लिए अपने ग्राहकों को 8.10 प्रतिशत ब्याज दर की सिफारिश की

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Ministry of Labour & Employment

The Central Board recommends 8.10% rate of interest to its subscribers for the year 2021-22

Posted On: 12 MAR 2022 4:30PM by PIB Delhi

The 230th meeting of Central Board of Trustees, EPF was held today during the AKAM Iconic Week in Guwahati under the Chairmanship of Shri Bhupendra Yadav, Union Minister for Labour & Employment and Environment, Forest & Climate Change, Vice-Chairmanship of Shri Rameshwar Teli, Union Minister of State for Labour & Employment, Petroleum & Natural Gas and Co-Chairmanship of Shri Sunil Barthwal, Secretary Labour & Employment and the Member Secretary Smt. NeelamShammi Rao, Central P F Commissioner.

The Central Board recommended 8.10% annual rate of interest to be credited on EPF accumulations in members’ accounts for the financial year 2021-22. The interest rate would be officially notified in the government gazette following which EPFO would credit the rate of interest into its subscribers’ accounts.

EPFO despite following a conservative approach towards investment, has consistently generated high returns over the last many years which has enabled it to distribute higher interest to its subscribers, through various economic cycles with minimal credit risk.

Traditionally, EPFO has been able to give a higher rate of interest on retirement savings in comparison to other available investment options because of its prudent investment policy of investing in long tenor high yielding securities for the past several decades. This has ensured that the returns on EPFO’s investments are higher even when the yields have been steadily coming down in the past decade.

For FY 2022, EPFO decided to liquidate some of its investment in equities and the interest rate recommended is a result of combined income from interest received from debt investment as well as income realized from equity investment. This enabled EPFO to provide a higher return to its subscribers and still allowed EPFO with a surplus to act as a cushion for providing a higher return in the future also. There is no over-drawl on the EPFO corpus due to this income distribution.

The assured fixed return approach of EPFO, announced by CBT every year along with the tax exemptions makes an attractive savings option for the PF members.

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(Release ID: 1805345)


श्रम और रोजगार मंत्रालय

केंद्रीय बोर्ड ने वर्ष 2021-22 के लिए अपने ग्राहकों को 8.10 प्रतिशत ब्याज दर की सिफारिश की

Posted On: 12 MAR 2022 4:30PM by PIB Delhi

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में आजादी का अमृत महोत्सव के प्रतिष्ठित सप्ताह के दौरान केंद्रीय न्यासी बोर्ड, ईपीएफ की 230वीं बैठक आज गुवाहाटी में आयोजित की गई। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री श्री रामेश्वर तेली इस बैठक के उपाध्यक्ष और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिव श्री सुनील बर्थवाल तथा सदस्य सचिव श्रीमती नीलम शम्मी राव, केंद्रीय पीएफ आयुक्त सह-अध्यक्ष थे।

केंद्रीय बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए सदस्यों के खातों में ईपीएफ जमा राशि पर 8.10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से जमा करने की सिफारिश की। ब्याज दर आधिकारिक तौर पर सरकारी राजपत्र में अधिसूचित की जाएगी जिसके बाद ईपीएफओ अपने ग्राहकों के खातों में ब्याज दर से जमा करेगा।

निवेश के प्रति अनुदार दृष्टिकोण का पालन करने के बावजूद, ईपीएफओ ने पिछले कई वर्षों में लगातार उच्च रिटर्न उत्पन्न किया है, जिसने इसे न्यूनतम क्रेडिट जोखिम के साथ विभिन्न आर्थिक चक्रों के माध्यम से अपने ग्राहकों को अधिक ब्याज प्रदान करने में सक्षम बनाया है।

परंपरागत रूप से, ईपीएफओ पिछले कई दशकों से लंबी अवधि की अधिक मुनाफा वाली प्रतिभूतियों में निवेश करने की अपनी विवेकपूर्ण निवेश नीति के कारण अन्य उपलब्ध निवेश विकल्पों की तुलना में सेवानिवृत्ति बचत पर अधिक ब्याज दर रखने में सक्षम रहा है। इसने यह सुनिश्चित किया है कि ईपीएफओ के निवेश पर रिटर्न तब भी अधिक है, जब पिछले एक दशक में प्रतिफल में लगातार गिरावट आ रही है।

वित्त वर्ष 2022 के लिए, ईपीएफओ ने इक्विटी में अपने कुछ निवेश को समाप्त करने का निर्णय लिया और अनुशंसित ब्याज दर पर ऋण निवेश से प्राप्त ब्याज के साथ-साथ इक्विटी निवेश से प्राप्त आय से संयुक्त आय का सृजन किया है। इसने ईपीएफओ को अपने ग्राहकों को अधिक रिटर्न प्रदान करने में सक्षम बनाया और फिर भी ईपीएफओ को अधिशेष के साथ भविष्य में भी उच्च रिटर्न प्रदान करने के लिए एक माध्यम के रूप में कार्य करने की अनुमति दी। आय के इस वितरण के कारण ईपीएफओ की संपदा पर कोई अधिक निकासी का बोझ नहीं है।

सीबीटी द्वारा हर साल घोषित ईपीएफओ का आश्वस्त निश्चित रिटर्न की पहल के साथ कर में छूट मिलने से, पीएफ सदस्यों के लिए बचत का एक आकर्षक विकल्प तैयार हुआ है।

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एमजी/एएम/एसकेएस/एसएस

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