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7वां वेतन आयोग – ज्यादा वेतन बढ़वाने के लिए लामबंदी

7वां वेतन आयोग – ज्यादा वेतन बढ़वाने के लिए लामबंदी

अगले सप्ताह तक केंद्र से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों की घोषणा की संभावना के चलते केंद्रीय कर्मचारियों में उत्साह है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस पे कमिशन से कर्मचारियों के वेतन में 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है।
lobbying for seventh pay commission




प्रशासनिक संवाददाता, भोपाल
आईएएस अफसरों सहित केन्द्र सरकार के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को 7वां वेतन आयोग कौन सा सौगात देने वाला है? यह चर्चा मध्यप्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों के बीच गर्म है। हर दिन दिल्ली संपर्क करते हुये वेतन बढ़ने और अन्य सुविधाओं के मिलने पर संपर्क किये जा रहे हैं। अगले सप्ताह पेश होने वाली इस रिपोर्ट को लेकर कयास लगाये जा रहे हैं कि वेतन में बढ़ोत्तरी 15 से 20 प्रतिशत तक होगी। आयोग की रिपोर्ट पर 55 लाख कर्मचारी और अधिकारियों का भविष्य जुड़ा है।

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 सूत्रों की माने तो केन्द्रीय कर्मचारियों के लिये नया वेतनमान तय करने के लिये गठित आयोग अगले सप्ताह सरकार को रिपोर्ट पेश कर सकती है। जस्टिस अशोक कुमार माथुर के नेतृत्व में बना आयोग पहले 10 अगस्त को अपनी अंतिम रिपोर्ट केन्द्र सरकार को सौंपने वाला था लेकिन कुछ कारणों के चलते आगे के लिये टाल दिया गया। सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट को लेकर मप्र के अधिकारी और कर्मचारी इसलिए भी उत्साहित हैं क्योंकि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी अधिकारियों और कर्मचारियों के हितों को देखते हुये कोई नया निर्णय लेंगे।


फैक्ट फाइल
1 लाख  16  हजार करोड़ रुपये होंगे खर्च
1 लाख  619 करोड़ रुपये सैलरी पर खर्च होती हैं।
15-20 फीसद तक की सैलरी ग्रोथ
1 जनवरी 2016 तक की सैलरी ग्रोथ हो सकती

8 साल बाद नया वेतन आयोग

उल्लेखनीय है कि छठे वेतन आयोग की अनुशंसा अक्टूबर 2008 में लागू की गई थीं। तब कर्मचारियों को 30 महीने का एरियर भी दिया गया था। उस समय वेतन में बढ़ोत्तरी 35 फीसद तक हुई थी। संभावना जताई जा रही है कि मोदी सरकार में वेतन आयोग की सिफारिशें शीघ्र ही प्रस्तुत कर दी जाएं क्योंकि अटल सरकार के दौरान छठे वेतन आयोग के गठन में देरी हुई थी। इसे 2003 में ही गठित किया जाना था लेकिन अटल सरकार ने इसमें देरी कर दी।

कर्मचारियों को भी बेसब्री से इंतजार

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार अधिकारियों के साथ कर्मचारी भी बेसब्री से कर रहे हैं। छठे वेतनमान का लाभ मिलने के बाद इन कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई से काफी राहत मिली थी। अब जबकि महंगाई का दौर पहले की तरह बरकरार है तो इस वेतनमान की सिफारिशें उनके घर के बजट को दुरुस्त करने में सहायक होगी। इसी के मद्देनजर कर्मचारी और कर्मचारी संगठन इसके बारे में जानकारी लेने के प्रयास में हैं। केन्द्र सरकार द्वारा सातवां वेतनमान केन्द्र के कर्मचारियों व अधिकारियों को दिए जाने पर प्रदेश के कर्मचारी व अधिकारी इसे राज्य में लागू करने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बनाएंगे। इसकी भी रणनीति कुछ संगठनों ने बनाना शुरू कर दिया है।

1 जनवरी लागू होने की तारीख

यूपीए टू सरकार में गठित 7वें वेतन आयोग को 18 माह में अपनी अनुशंसा पेश करना था, जिससे 1 जनवरी 2016 से लागू हो सके। आयोग के लागू होने से देश के 55 लाख मौजूदा केन्द्रीय कर्मचारियों के अलावा रिटायर्ड कर्मियों को भी लाभ मिलेगा। खबर है कि आयोग ने कई पक्षों से बात करने के बाद निष्कर्ष निकाला है कि 15 से 20 फीसदी सेलरी की बढोत्तरी की जाये।

Source: http://www.pradeshtoday.com/

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COMMENTS

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  • I request Prime Minister not to marginalize or humiliate Central Government employees and pensioners like our war veterans who compelled to resort to hunger strike which is great embarrassment for country like India for further deferring it and the recommendations of the 7th CPC should be quite rationale. Wherever Government think that the employees and pensioners are in disadvantage monetary position, the same may be amended to the advantage of CGEP