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सैन्य कर्मियों की तलाकशुदा बेटियों को भी परिवारिक पेंशन की सुविधा, जब तलाक की अर्जी माता-पिता के जीवनकाल में ही दाखिल की गई हो

सैन्य कर्मियों की तलाकशुदा बेटियों को भी परिवारिक पेंशन की सुविधा मिलेगी, वैसी स्थिति में भी जब तलाक की अर्जी माता-पिता के जीवनकाल में ही दाखिल की ग

Eligibility of widowed/divorced daughters for grant of family pension – clarification regarding
पारिवारिक पेंशन पाने के लिए तलाकशुदा बेटियों के लिए नियमों में ढील/Rules relaxed for divorced daughters to receive Family Pension – Dr. Jitendra Singh
Inclusion of names of the widowed/ divorced/ unmarried daughter/ parents/ permanently disabled children/dependent disabled siblings in the PPO: DESW
सैन्य कर्मियों की तलाकशुदा बेटियों को भी परिवारिक पेंशन की सुविधा मिलेगी, वैसी स्थिति में भी जब तलाक की अर्जी माता-पिता के जीवनकाल में ही दाखिल की गई हो

पत्र सूचना कार्यालय 



भारत सरकार


रक्षा मंत्रालय 

27-नवंबर-2017 

सितंबर 2015 में जारी रक्षा मंत्रालय के एक पत्र के अनुसार, वर्तमान में केवल उन्ही बच्चों को परिवारिक-पेंशन का पात्र माना जाता है जो माता-पिता पर आश्रित हैं और सरकारी कर्मचारी या उसकी पत्नी/पति के मृत्यु के समय अन्य शर्ते को पूरा करते हैं. इसी संदर्भ में, तलाकशुदा बेटियाँ परिवारिक-पेंशन के योग्य हैं जो अन्य शर्ते पूरा करती हों यदि सक्षम न्यायालय ने उनके माता व पिता में से किसी एक के जीवन काल में तलाक का निर्णय दिया हो.

सरकार को शिकायतें मिली है कि तलाक प्राप्त करने की कार्यवाही एक लम्बी प्रक्रिया है जिसके पूरे होने में कई वर्ष लग जाते हैं. ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिसमें सरकारी कर्मचारी/पेंशन भोगी की बेटी ने माता-पिता दोनों के या किसी एक के जीवित रहते ही तलाक की अर्जी सक्षम न्यायालय में दाखिल की थी लेकिन तलाक के अंतिम आदेश आने तक दोनों में से कोई भी जीवित नहीं था. 


मामले की जाँच की गई और रक्षा मंत्रालय के पत्र दिनांक 17 नवंबर, 2017 [क्लिक करें] के माध्यम से यह निर्णय लिया गया है कि सैन्य कर्मियों की उन बेटियों को, वैसे मामलों में पारिवारिक पेंशन की सुविधा दी जानी चाहिए जिसमें बेटियों ने सक्षम न्यायालय में माता-पिता के या दोनों में से किसी एक के जीवनकाल में या अपने पति/पत्नी के जीवित रहते ही तलाक की अर्जी दायर कर दी हो और तलाक का अंतिम आदेश उनकी मृत्यु के पश्चात् आया हो, बशर्ते कि दावेदार पारिवारिक पेंशन पाने के अन्य सभी शर्तों को पूरा करता हो। ऐसे मामलों में पारिवारिक पेंशन, तलाक का आदेश मिलने के दिन से लागू माना जाएगा.

Source: PIB

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