Reservation in Outsourced Jobs in Railways रेलवे की आउटसोर्स नौकरियों में आरक्षण

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Reservation in Outsourced Jobs in Railways रेलवे की आउटसोर्स नौकरियों में आरक्षण

Reservation in Outsourced Jobs in Railways रेलवे की आउटसोर्स नौकरियों में आरक्षण

GOVERNMENT OF INDIA
MINISTRY OF RAILWAYS

RAJYA SABHA
UNSTARRED QUESTION NO.766
ANSWERED ON 03.12.2021

RESERVATION IN OUTSOURCED JOBS IN RAILWAYS

766# SHRI VISHAMBHAR PRASAD NISHAD: CH. SUKHRAM SINGH YADAV:

Will the Minister of RAILWAYS be pleased to state:

(a) whether provisions of reservation are not being followed in outsourced jobs;

(b) the total number of works being done through outsourced jobs;

(c) whether it is a fact that there are large number of complaints regarding corruption at large scale in outsourced jobs and about paying less wages to the employees by contractors;

(d) whether the Government will consider permanent appointment on the positions which require outsourced job for longer periods; and

(e) the reasons for not doing permanent hiring for the said jobs?

ANSWER

MINISTER OF RAILWAYS, COMMUNICATIONS AND ELECTRONICS & INFORMATION TECHNOLOGY (SHRI ASHWINI VAISHNAW)

(a) Reservation is being followed in outsourced jobs.

(b) Indian Railways (IR) executes a wide range of works for creation, repair and maintenance of its various assets including stations, coaches, wagons, coaching depots, locomotives, tracks, etc pertaining to various departments namely Mechanical, Commercial, Electrical, Civil Engineering, Signal & Telecommunication, Medical, etc. These works are executed through its own workers and/or through outsourcing (particularly non-core activities/which are not ongoing permanently) through contracting agencies.

Outsourcing is done by Railways on need basis from time to time in order to improve the services and efficiency in operation and the number of works being done through outsourcing jobs vary from time to time according to requirement.

(c) Complaints regarding less payment of wages are received sporadically, and these are addressed by the Railways promptly. Contractors being the employers of contract labourers are required to abide by the provisions of the Minimum Wages Act, 1948, Contract Labour (Regulation & Abolition) Act, 1970 and Contract Labour (Regulation & Abolition) Rules, 1971. Railways as a Principal Employer, inter-alia, incorporates these provisions/rules in the General Conditions Of Contract and monitors compliance, inter-alia through the Indian Railway Shramik Kalyan Portal, etc.

(d) and (e): Occurrence and filling up of vacancies is a continuous process. The policy of Railways is to fill up the vacancies as per its operational requirement.

*****

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भारत सरकार
रेल मंत्रालय
राज्य सभा
03.12.2021 के
अतारांकित प्रश्न सं. 766 का उत्तर

रेलवे की आउटसोर्स नौकरियों में आरक्षण

766. श्री विशम्भर प्रसाद निषादः

चौधरी सुखराम सिंह यादवः

क्या रेल मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे किः

(क) क्या आउटसोर्स नौकरियों में आरक्षण का पालन नहीं हो रहा है;

(ख) कुल कितने कार्यों को आउटसोर्स नौकरियों के जरिए कराया जा रहा है;

(ग) क्या यह सच है कि आउटसोर्स नौकरियों में बड़े पैमाने पर धन की बंदरबांट, ठेकेदारों द्वारा कर्मचारियों को कम वेतन दिए जाने की शिकायतें रहती हैं;

(घ) जिन कार्यो के लिए लंबी अवधि हेतु आउटसोर्स नौकरियों की आवश्यकता है क्या सरकार उन पर स्थायी नियुक्ति करने पर विचार करेगी; और

(ड) उक्त नौकरियों के लिए स्थायी नियुक्तियां नहीं किए जाने के क्‍या कारण हैं?

उत्तर

रेल, संचार एवं इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री
(श्री अश्विनी वैष्णव)

(क) : ऑउटसोर्स जॉब में आरक्षण का पालन किया जा रहा है।

(ख) : भारतीय रेत्र (आईआर) विभिन्‍न परिसंपत्तियों के सृजन, मरम्मत और रख-रखाव के लिए व्यापक कार्यों का निष्पादन करती है, जिसमें विभिन्‍न विभागों अर्थात्‌ यांत्रिक, वाणिजय, बिजली, सिविल इंजीनियरी, सिगनल एवं दूरसंचार, चिकित्सा आदि से संबंधित स्टेशन, सवारी डिब्बे, वैगन, कोचिंग डिपो, रेल इंजन, रेलपथ आदि शामित्र हैं। भारतीय रेल यह कार्य (विशेष रूप से नॉन-कोर गतिविधियां/जो स्थायी रूप से नहीं चल रहे हैं) अपने कामगारों और/या ठेका एजेंसियों

के माध्यम से आउटसोसिंग से निष्पादित करती है। रेलों द्वारा सेवाओं में सुधार और परिचालन में कुशलता लाने के उद्देश्य से समय-समय पर आवश्यकता के आधार पर और आउटसोसिंग जोबों के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की संख्या, जो आवश्यकताओं के अनुसार समय-समय पर अलग-अलग होती है, आउटसोर्सिंग की जाती है।

(ग) : मज़दूरी के कम भुगतान के बारे में छुट-पुट शिकायतें प्राप्त होती हैं और रेलों द्वारा इनका तुरंत समाधान किया जाता है।

ठेका श्रमिकों का नियोक्‍ता होने के नाते ठेकेदारों को न्यूनतम मज़दूरी अधिनियम, 1948, ठेका श्रम (विनियमन और उत्सादन) अधिनियम 1970, ठेका श्रम (विनियमन और उत्सादन) नियम 1971 के प्रावधानों का पाल्नन करना होता है। रेलवे प्रधान नियोक्ता के रूप में अन्य बातों के साथ-साथ इन प्रावधानों/नियमों को ठेके की सामान्य शर्तों में शामिल करती है और भारतीय रेल अन्य बातों के साथ श्रमिक कल्याण पोर्टल आदि के माध्यम से अनुपालन को मॉनिटर करती है।

(घ) एवं (उ) : रिक्तियों का होना और भरना एक सतत प्रक्रिया है। रेलों की अपनी परिचालनिक आवश्यकता के अनुसार रिक्तियां भरने की नीति है।

Source: Rajya Sabha PDF

COMMENTS

WORDPRESS: 1
  • Afsar Ansari 4 months ago

    Outsorsing agensi ka nam kiya hia thekedar ka nam btaye plees