Home

अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण हेतु प्रारंभिक शिक्षा में डिप्लोमा (डी.एल.एड) की शुरुआत Diploma in Elementary Education (D.El.Ed) launched for in-service untrained teachers training

अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण हेतु प्रारंभिक शिक्षा में डिप्लोमा (डी.एल.एड) की शुरुआत Diploma in Elementary Education (D.El.Ed) launched for in-

Minimum educational qualification for recruitment from open market in Level – l of pay matrix of 7th CPC: Railway Board RBE No. 35/ 2019
CBSE – e-Raksha Competition 2020 for students, teachers and caregivers (parents or guardians)
Cumulative Grade Point Average (CGPA) and Grading System in CBSE Board examination
अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण हेतु प्रारंभिक शिक्षा में डिप्लोमा (डी.एल.एड) की शुरुआत Diploma in Elementary Education (D.El.Ed) launched for in-service untrained teachers training

पत्र सूचना कार्यालय
भारत सरकार
मानव संसाधन विकास मंत्रालय
03-अक्टूबर-2017 20:57 IST

सभी अप्रशिक्षित शिक्षकों को मार्च, 2019 तक प्रशिक्षित किया जाएगा : श्री प्रकाश जावड़ेकर

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने प्रारंभिक शिक्षा में डिप्लोमा की शुरुआत की

केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज नई दिल्ली में सेवाकालीन अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण हेतु नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) के एक उत्कृष्ट कार्यक्रम प्रारंभिक शिक्षा में डिप्लोमा (डी.एल.एड) की शुरुआत की। यह शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम सभी सरकारी/सरकारी सहायता प्राप्त/निजी सहायता रहित मान्यता प्राप्त प्राथमिक स्कूलों के समस्‍त सेवाकालीन अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए तैयार किया गया है। अब तक लगभग 15 लाख शिक्षकों को नामांकित किया गया है।

यह शिक्षकों की प्रोफेशनल दक्षता बेहतर करने और सूचना एवं संचार आधारित क्षमता निर्माण सुनिश्चित करने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) के ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा (ओडीएल) मोड में एक पहल है। गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से एनआईओएस देश भर में फैले सरकारी/सरकारी सहायता प्राप्त/निजी सहायता रहित मान्यता प्राप्त स्कूलों के सेवाकालीन शिक्षकों के प्रशिक्षण पहलुओं के तहत उनकी गुणवत्ता और उत्कृष्टता पर अपना ध्यान केंद्रित करता रहा है।
इस अवसर पर श्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सभी अप्रशिक्षित शिक्षकों को मार्च, 2019 तक प्रशिक्षित किया जाएगा। शिक्षक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा छात्रों के अधिकार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और सरकार 31 मार्च 2019 तक लगभग 15 लाख अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण देगी और पाठ्यक्रम के सफल समापन के बाद शिक्षकों को डिप्लोमा मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि ‘स्‍वयं’ की शुरुआत के बाद पहले वर्ष में हमने ऑनलाइन प्रशिक्षण में विश्व रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि 31 मार्च, 2019 के बाद इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की अवधि का कोई और विस्तार नहीं किया जाएगा।
श्री उपेंद्र कुशवाहा, मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री (स्कूली शिक्षा और साक्षरता) ने गुणवत्ता, नवाचार और अनुसंधान के संबंध में शैक्षिक आवश्यकता में नई गतिशीलता लाने की दिशा में श्री प्रकाश जावड़ेकर के ईमानदार प्रयासों की सराहना की, जिसका लक्ष्‍य लोगों को बेहतर कौशल और ज्ञान से युक्‍त करके भारत को एक ‘नॉलेज सुपर पावर’ बनाना है। उन्होंने शिक्षकों की गुणवत्ता बेहतर करने के उद्देश्य के लिए एनआईओएस को भी बधाई दी।
***
Press Information Bureau
Government of India
Ministry of Human Resource Development
03-October-2017 19:30 IST

All untrained teachers are to be trained by March, 2019 – Shri Prakash Javadekar
Union HRD Minister launches Diploma in Elementary Education (D.El.Ed)
A quality programme of National Institute of Open Schooling (NIOS) for in-service untrained teachers training Diploma in Elementary Education (D.El.Ed) was launched by Union Human Resource Developement Minister Shri Prakash Javadekar in New Delhi today. The Teacher Training Programme is designed for all Untrained Govt. /Govt. aided /Private unaided recognized in- service Untrained teachers of Elementary Schools & 15 lakh (approx) teachers have been enrolled so far.

It is an initiative in Online and Distance Learning (ODL) mode of National Institute of Open Schooling (NIOS) for upgrading the professional competence and Information and Communication based capacity building for teachers. With an objective of enhancing quality, NIOS has been focusing its attention on the quality and excellence in the training aspects of the in service teachers of Govt. /Govt. aided /Private unaided recognized schools across the country. It is important that trainings are put in place to help develop skills through their job & to retain knowledge, skills need to be refreshed on regular basis.
Speaking on the occasion Shri Prakash Javadekar said that the all untrained teachers are to be trained by 2019. Teachers and quality education are the rights of the students. Innovation and best practices will ensure that the best minds are able to innovate in the country and therefore NIOS has taken a step in this direction to get engaged at the grass root level. He also said that the government is committed to improve the education system and will be training approximately 15 lakh untrained teachers by 31st March 2019 and teachers will get diploma after the successful completion of the course. He also informed that in the first year of SWAYAM launch, we have made a world record in online training. He categorically said that there will be no further extension for this training programme after 31st March, 2019.
Shri Upendra Kushwaha, Minister of State for HRD (School Education & Literacy) appreciated the sincere efforts of Shri Prakash Javadekar towards bringing new dynamics of the educational requirement with regard to quality, innovation & research aiming to make India a knowledge super power by equipping people with improved skills and knowledge. He also congratulated NIOS for its objective to build quality of teachers and to review how the term excellence and quality can be shaped by the training. Additionally several issues and challenges in ensuring quality of teachers can also addressed in the journey.
Prof. C.B Sharma, Chairman, NIOS on this occasion said that training isn’t just important to any institution, it is vital also. The way teachers teach is of critical concern in any reform designed to improve the quality.
*****

COMMENTS

WORDPRESS: 0